अयोध्या। ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी मीशो की फर्जी आईडी बनाकर लाखों उपभोक्ताओं को ठगने के आरोप में कंपनी के अधिकारी की तहरीर पर दो नामजद व कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन पर आरोप है कि धोखाधड़ी कर आरोपियों ने 12 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं को ठगा है। बीते दो माह में इस तरह के 1745 मामले सामने आए हैं।
फैशनियर टेक्नोलीज प्राइवेट लिमिटेड (मीशो) की ओर से अधिकृत किए गए नोडल अधिकारी मूर्ति एसएन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि मीशो अपने उपभोक्ताओं को ऑनलाइन शॉपिंग बाजार उपलब्ध कराती है। मोबाइल एप्लीकेशन व वेबसाइट के माध्यम से पंजीकृत विक्रेताओं द्वारा सामानों की डिलीवरी घरों तक की जाती है। बताया कि कई ग्राहकों ने कैश ऑन डिलीवरी (सीओडी) शिपमेंट पहुंचने का इंतजार करते समय कुछ व्यक्तियों द्वारा जालसाजी करने की शिकायत की। बताया कि जालसाज उन्हें सीओडी के बजाए यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने पर तीव्र डिलीवरी व रियायत देने का वादा भी करते हैं। यह अपने आपको मीशो कंपनी का कर्मी बताते हैं, साथ ही इनके पास ग्राहकों के सामान व पेमेंट का विवरण भी होता है। इस तरह की धोखाधड़ी के करीब 1745 मामले सामने आए हैं।
इसे देखते हुए जब आंतरिक जांच शुरू की गई तो पता चला कि बलरामपुर स्थित डिलीवरी सेंटर के मालिक अनुराग शुक्ला बालाजी ट्रेडर्स, श्रीकृष्ण व कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जालसाजी कर उपभोक्ताओं के नंबर में सेंध लगाई है।
जांच में पता चला कि इन्होंने बलरामपुर डिलीवरी सेंटर के माध्यम से मार्च से मई माह तक पांच लाख व फैजाबाद डिलीवरी सेंटर के माध्यम से 18 व 19 मई को 82 हजार उपभोक्ताओं का डाटा भी डाउनलोड किया है। कहा कि हमेे संदेह है कि अनुराग, श्रीकृष्ण ने ओटीपी अन्य धोखेबाजों के साथ साझा किए होंगे क्योंकि उनके द्वारा एक दिन में तीन अलग अलग स्थान दिल्ली, नोएडा व लखनऊ में स्थित आईपी पते दर्ज किए गए हैं। इस धोखाधड़ी के माध्यम से उन्होंने 12 लाख से अधिक लोगों को ठगा है। इससे यह पता चलता है कि इनका बड़ा गिरोह है। मीशो के अधिकारी की तहरीर पर कोतवाली नगर पुलिस ने अनुराग शुक्ला, श्रीकृष्ण समेत अज्ञात पर धोखाधड़ी, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है।