प्रदेश की 17 जातियों के लोग 29 जुलाई को संसद का घेराव करेंगे। प्रदेश की सपा सरकार ने चार बार इन जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था लेकिन केंद्र सरकार ने हर बार कोई न कोई आपत्ति लगाकर वापस कर दिया।
मंगलवार को यह बातें प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य राज्य मंत्री शंखलाल मांझी ने सर्किट हाउस में कही।
राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धींवर, कहार, कुम्हार, गौड़, बिंद, कश्यप, निषाद, मांझी, राजभर, बाथम आदि 17 जातियों को पिछड़ा वर्ग में रखा गया है।
इन जातियों के लोगों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सपा ने अनुसूचित जाति में शामिल करने का निर्णय लिया था। कहा, प्रदेश मंत्रिमंडल ने चार बार प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेजा था। हर बार केंद्र ने अड़ंगा लगाकर प्रस्ताव वापस कर दिया।
मांझी ने कहा कि इन जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिलाने के लिए 29 जुलाई को संसद का घेराव किया जायेगा। घेराव का नेतृत्व वह खुद करेंगे। इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष जयशंकर पांडेय, महासचिव गंगा सिंह यादव समेत कई लोग मौजूद थे।