मंगलवार को क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में वीडियो कॉल के द्वारा दुग्धाभिषेक करवाते आचार्य धर्मेंद्र।
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रामनगरी के कई मंदिरों में अब घर बैठे दर्शन-पूजन की सुविधा शुरू हो गई है। हालांकि इसके लिए कहीं कोई नया सॉफ्टवेयर या वेबसाइट नहीं बनी है। मंदिरों के पुजारी व संत इसे मंदिर में आकर अनुष्ठान के बराबर का धार्मिक फल भी करार दे रहे हैं। नए साल में कहीं पुजारी और आचार्य अपने मोबाइल से वीडियो कॉलिंग के जरिये तो कहीं भक्त खुद अपने मोबाइल से दर्शन व पूजा कराते दिखे।
क्षीरेश्वरनाथ मंदिर में दुग्धाभिषेक करने का खासा महत्व है। रोजाना इसके लिए भक्तों का तांता रहता है। मंगलवार को यहां आचार्य धर्मेंद्र को लोगों ने ऑनलाइन दुग्धाभिषेक कराते देखा। आचार्य धर्मेंद्र कहते हैं कि भगवान शिव का दुग्धाभिषेक करने के लिए भक्त को खासी तैयारी व विधियों का पालन करना होता है।
गोंडा के नवाबगंज स्थित अपने घर में बैठे डॉ. लक्ष्मी भाष्कर उनके पुराने यजमान हैं, वे अस्वस्थ हैं और ठंड से बाहर नहीं निकल सकते। ऐसे में वीडियो कॉलिंग के जरिये विधि-विधान से पूजा कराई गई। इसका फल यहां आकर दुग्धाभिषेक कराने के बराबर मिलता है।
श्रीराम बल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास कहते हैं कि उनके मंदिर में भी अब नए साल से वीडियो कॉलिंग के जरिए भक्तों को रामदरबार के दर्शन-पूजन करने की सुविधा दी गई है। इसका कइयों ने फायदा उठाया है। ऑनलाइन आरती में भी लोग हिस्सा लेते हैं।
कनक भवन के पुजारी पं. दिनेश कहते हैं कि दर्शन-पूजन और आरती में मोदी के डिजिटल इंडिया से प्रेरित होकर भक्तों को पूरी सुविधा दी जा रही है। नागेश्वरनाथ, बड़ा स्थान आदि मंदिरों में भी पुरोहित तमाम भक्तों को बेरोक-टोक वीडियो कॉलिंग से परिवार को पूजा-पाठ और आरती में शामिल कराते दिखे।