अयोध्या। जिले में कोरोना संक्रमण कुछ थमने के बीच एक और राहत भरी खबर है। अब शासन की ओर से एचआर सीटी (हाई रेजलूशन कम्यूटेड टोमाग्राफी) की जांच के लिए शुल्क की दर तय कर दी है। कोई भी डाइग्रोस्टिक सेंटर अब इसके लिए दो से ढाई हजार रुपये तक ही वसूल सकेगा। हालांकि, संक्रमण के चरम पर रहने के दौरान जिले में इसे लेकर मरीजों की तादाद बढ़ी तो मरीजों से चार से लेकर छह हजार रुपये तक वसूले गए।
जिले में कोरोना की दूसरी लहर ने जब तबाही मचाई तो सीधा असर फेफड़े पर हुआ। अधिकांश मरीज ऐसे भी मिले जिनकी एंटीजन व आरटी-पीसीआर की रिपोर्ट निगेटिव रही, लेकिन दिक्कत कोरोना जैसी ही रही। डॉक्टर की सलाह पर जब मरीजों ने एचआरसीटी कराई तो फेफड़े में संक्रमण की पुष्टि हुई।
जिले के सरकारी अस्पतालों में सीटी स्कैन की सुविधा न होने से आपदा को अवसर समझते हुए डाइग्रोस्टिक सेंटरों की चांदी हो गई। काफी संख्या में ऐसे मरीजों के सामने आने के बाद एचआर सीटी के लिए मरीजों की होड़ लगने लगी। इसका फायदा उठाते हुए निजी केंद्रों पर मरीजों से चार से छह हजार रुपये तक वसूले गए।
मजबूरी में अपने मरीज की जान बचाने के लिए लोग शोषण करवाने को विवश हुए। इधर, पिछले एक सप्ताह से संक्रमण थमता नजर आ रहा है। ऐसे में सरकार ने विलंब से ही सही, इस दिशा में भी ध्यान दिया है। अब एचआर सीटी जांच के लिए दरें तय कर दी गई हैं। जारी आदेशानुसार सामान्य सीटी स्कैन के लिए एचआरसीटी (16 स्लाइस तक) दो हजार रुपये और 16 स्लाइस से 64 तक के लिए 2250 रुपये कीमत तय की गई है।
64 स्लाइस से अधिक के लिए 25 सौ रुपये लिए जा सकते हैं। हालांकि, आदेश जारी होने के बाद इसका अनुपालन जिले में भी शुरू हो गया है। अमर उजाला प्रतिनिधि ने रविवार को जिले के तीन डाइग्रोस्टिक सेंटरों का जायजा लिया तो सभी जगह दो हजार तक जांच करने को कहा गया। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार कहते हैं कि एचआर सीटी से कोविड मरीजों के इलाज में भी काफी सहूलियत मिली।
एंटीजन व आरटी-पीसीआर रिपोर्ट निगेटिव होने के बाद इसी का सहारा लिया जा रहा है। इस जांच में फेफड़ों में वायरस की मौजूदगी के साथ-साथ संक्रमण की गंभीरता का भी पता चलता है। इसमें मुख्यतया दो तरह की रिपोर्ट दी जाती है। एक से कोरोना संक्रमण संदेह स्तर व दूसरे से चक्र सीमा मूल्य स्कोर पता चलता है, जिससे रोग की गंभीरता निर्धारित होती है। हालांकि, अभी तक इसका मूल्य अधिक होने से आम लोगों को काफी दिक्कत होती थी, अब सहूलियत मिलेगी।
कोविड मरीजों में संक्रमण की गंभीरता जानने में एचआर सीटी जांच सहायक है। इसकी दरें अब सरकार ने तय कर दिया है। दो से ढाई हजार रुपये तक मरीजों से जांच के लिए लिया जा सकता है। इससे अधिक वसूलने की शिकायतें मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. घनश्याम सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी, अयोध्या