जिसके चलते विभिन्न मार्गों पर टैक्सी वाहनों का संचालन नहीं हुआ। टैंपो-टैक्सी यूनियनों ने जगह-जगह जुलूस निकाल प्रदर्शन किया और राज्यपाल को ज्ञापन भेज चार सूत्री मांगो पर कार्रवाई की मांग रखी है।
संगठनों के पदाधिकारियों का कहना है कि मांगों को लेकर मंडलायुक्त तथा संभागीय परिवहन अधिकारी से वार्ता की गई और मांग पूरी करने के लिए जिलाधिकारी व सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप मंगलवार शाम तक की मोहलत दी गई थी।
इसी के साथ समस्या का निराकरण न होने पर बुधवार को हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी गई थी। लेकिन न तो कोई मांग ही मानी गई और न ही समस्या के समाधान के लिए कोई आश्वासन ही दिया गया।
जिसके चलते बुधवार को जिले में टैंपो-विक्रम चालकों ने हड़ताल पर रहकर अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन किया। हड़ताल के चलते शहर के गांव तक टैंपो-विक्रम नहीं दिखे।
जिसको लेकर आने-जाने वाले आम मुसाफिरों, श्रद्धालुओं तथा कार्यालय तथा अन्य काम के लिए पहुंचने वालों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल के चलते रिक्शेवालों की चांदी रही और वह मनमाना किराया मांगते व वसूलते नजर आये। सिटी बसों पर आम दिनों के अपेक्षा भारी भीड़ देखी गई।
स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने वाले टैंपो-विक्रम भी हड़ताल में शामिल रहे। जिसके चलते बच्चों को स्कूल पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। चौक के गुदड़ी बाजार क्षेत्र में हुए प्रदर्शन में राजू, कैलाशनाथ गुप्ता, मो. चांद, भानू, किशन पांडेय, अब्दुल मुफीद, शाबाज आदि शामिल रहे।
वहीं पूरा-मया रोड पर चलने वाले टैंपो चालकों ने शहर की सड़कों पर जुलूस निकाल देवकाली ओवरब्रिज के पास प्रदर्शन किया। जिसमें शंकर टैक्सी यूनियन के अखिलेश चतुर्वेदी, संजय मौर्य, गुड्डू यादव, सुजीत सोनकर आदि शामिल रहे। वहीं सावन झूला मेला आने वाले श्रद्धालुओं की जुड़वां शहरों के बीच लंबी कतार पैदल रास्ता तय करती नजर आई।