राजकीय बालिका हाईस्कूल बहरास के निर्माण कार्य में जमकर धांधली की गई है। इसके बावजूद जिला प्रशासन चुप्पी साधे है। मुख्य सचिव के हालिया दौरे में उन्हें सौंपी गई रिपोर्ट में मात्र 10 फीसदी धन नहीं मिलने से निर्माण कार्य अधूरा होने की बात कही गई है, जबकि हकीकत में स्कूल निर्माण में कदम-कदम पर धांधली बरती गई है।
दीवारों में दोयम ईंट, फर्श निर्माण व प्लास्टर में मानकों की अनदेखी से निर्माण पूरा होने से पूर्व ही जगह-जगह दरकने लगा है। हाल ये है कि निर्माण कार्य अधूरा होने से नए सत्र में छात्राएं अपने विद्यालय में शिक्षा ग्रहण नहीं कर पा रही हैं।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत रुदौली तहसील के बहरास में राजकीय बालिका हाईस्कूल का निर्माण कराया जा रहा है। पैक्सपेड ने 2011 में निर्माण कार्य शुरू किया था। भवन की लागत 51.98 लाख रुपये थी, लेकिन इसे बनाने में जमकर धांधली हुई।
हाल ये है कि मौके पर 40 फीसदी से अधिक काम बाकी है, मगर कागजों में मात्र 10 फीसदी काम अधूरा बताकर पांच लाख 20 हजार रुपये की डिमांड की गई है। शासन से ये रकम न मिलने से स्कूल की निर्मित इमारत भी खंडहर होकर ढहने लगी है।
फर्श अधूरी पड़ी है, शौचालय भी सिर्फ देखने के लिए हैं। चहारदीवारी का काम शुरू ही नहीं हो पाया। चटके फर्श बयां कर रहे हैं कि गुणवत्ता को ताक पर रखकर काम किया गया है। कार्यदाई संस्था पैक्सफेड निर्माण कार्य करा रही है।
10 कक्षों वाले बालिका विद्यालय में सभी कमरों की दीवार व छत पर प्लास्टर हो चुका है। अभी दो कमरों की फर्श अधूरी है। किसी भी कमरे में दरवाजे नहीं लग पाए हैं। विद्यालय के शौचालयों में न तो प्लास्टर हुआ, न सीट लगी और न ही दरवाजे लगे हैं।
स्लैब का कम अधूरा पड़ा है। विद्यालय की चहारदीवारी का काम शुरू ही नहीं हुआ है। परिसर में जगह-जगह गड्ढे हैं। अभी बालिका विद्यालय ठीक से चालू नहीं हुआ, कमरों की फर्श घटिया निर्माण के चलते चिटक गई है। चटकी फर्श को ढंकने की कोशिश भी की गई है।
ग्राम प्रधान रामतीरथ ने बताया की राजकीय बालिका हाईस्कूल की छात्राएं विद्यालय भवन से 20 मीटर दूर स्थित जूनियर हाईस्कूल बहरास में पढ़ती हैं। गांव के रामदीन ने बताया की राजकीय बालिका विद्यालय में अध्यापिकाएं कभी-कभार ही ड्यूटी पर आती हैं।