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मतदाता सूची की समस्याओं की वजह प्रशिक्षण का न हो पाना : कमिश्नर

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अयोध्या। रोल आब्जर्वर व कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर निर्वाचन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ अलग-अलग बैठक की। इसके पूर्व निर्वाचन कार्यालय का निरीक्षण किया। कहा कि बीएलओ का प्रशिक्षण नहीं हुआ है इसके कारण उनको कार्य करने में कठिनाई हो रही है।
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कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कमिश्नर ने कहा कि उन्होंने 29 दिसंबर को कुछ मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। पता चला कि बीएलओ का प्रशिक्षण नहीं हुआ है इसके कारण उनको कार्य करने में कठिनाई हो रही है। फार्म-08 पर संशोधन के लिए जो प्रस्ताव प्राप्त हुए है उस पर कार्रवाईयां नहीं की गई है। इसलिए बीएलओ को ग्रामीण क्षेत्रों में जाने पर मतदाता कहता है कि बार-बार हम फार्म भर के देते है लेकिन हमें शुद्ध नाम वाला या करेक्ट नाम वाला मतदान पत्र प्राप्त नहीं होता है।
उन्होंने कहा कि नियमित समीक्षा करें। डीएम के साथ कंप्यूटर पर बैठकर स्वयं इसका परीक्षण किया। जैसे अयोध्या सदर विधानसभा में 15 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें सभी पर डिफाल्ट अंकित हो गया है इसको ठीक करने के लिए निर्देश दिया गया। बीएलओ की समस्याओं को जाना, पाया कि उनका एक बेहतर प्रशिक्षण की आवश्यकता है। उनको चेक प्वाइंट दिया जाए। इसको ब्लाक स्तर पर एक घंटे का प्रशिक्षण आयोजित कर अगले एक घंटे में इनकी व्यावहारिक समस्याओं को हल किया जाये।
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अगले चरण में राज।नीतिक दल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, राष्ट्रीय लोकदल भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी अन्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी ने बूथलेवल पर निर्धारित समयानुसार बीएलओ को उपस्थिति की बात कही। उन्होंने कहा कि सभी बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में रहेंगे।
आग्रह किया कि राजनीतिक दल अपने-अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के बूथलेवल सहायक की भी तैनाती करें। उसकी सूची अपनेे क्षेत्र के उप जिलाधिकारी कार्यालय, जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय आदि को उपलब्ध कराएं। बीएलए और बीएलओ आपसी संवाद करें एवं एक-दूसरे से सहयोग लें। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी पीडी गुप्ता, उप जिलाधिकारीगण, तहसीलदारगण, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सहायक निर्वाचन अधिकारी और निर्वाचन कार्य से जुड़े लोग मौजूद थे।
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