तारुन-पिपरी मार्ग पर गुरुवार को सड़क जाम कर नारेबाजी करते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
नोटबंदी का असर समाप्त होने के बाद यहां तीन दिन से नकदी को लेकर परेशान उपभोक्ता तब भड़क गए, जब गुरुवार को भी सर्वर खराब होने का नोटिस नहीं हटा और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने नकदी देने से हाथ खड़ा कर दिया। लोगों का धैर्य जबाब दे गया और बैंक परिसर के सामने स्थित तारुन-पिपरी जलालपुर रोड पर जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना के काफी देर बाद पहुंची पुलिस ने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझा कर जाम खुलवाया।
गुरुवार सुबह 10 बजे के पहले ही उपभोक्ताओं की बैंक के सामने लंबी लाइन लग गई। गेेेट न खुलने पर उपभोक्ताओं ने बैंक कर्मियों से गेट खोलने को कहा। जवाब में सर्वर डाउन होने की बात सुनते ही ग्राहक भड़क गए और प्रबंधन के विरुद्ध नारेबाजी कर सड़क पर उतर आए।
आक्रोशित उपभोक्ताओं ने रोड जाम कर दिया और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन में शामिल महोलिया की सरोज, सहसीपुर की उमां, तकमीनगंज की रीता, नसरतपुर की किरन, लक्ष्मी देवी, नरायनपुर की सुनीता, व खुशबू, बेलगरा के उदयभान सहित अन्य ने बताया कि आक्रोशित बैंक उपभोक्ताओं ने बताया कि वे पिछले तीन दिनों से लगातार बैंक आ रहे हैं लेकिन नेटवर्क खराबी की बात कह कर बैंक कर्मी अपना पल्ला झाड़ लेेते हैं।
इसमें लक्ष्मी भी शामिल थी जिसकी डेढ़ वर्षीय बेटी निहारिका पिछले 15 दिनों से बीमार है जिसके इलाज के लिए रुपये की आवश्यकता है और वह रोज बैंक का चक्कर काट रही है। रोड जाम की सूचना पाकर दरोगा इशहाक खान व राम बचन राम मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से बात कर समझाया बुझाया। जिसके बाद जाम खत्म हुआ। पुलिस ने बैंक कर्मियों से बात कर उपभोक्ताओं को कैश देने को कहा, लेकिन बैंक कुछ नहीं कर सका। इस संबंध में बैंक मैनेजर जयदीप ने बताया कि सर्वर डाउन रहने से समस्या आ रही है। उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है।