अयोध्या। मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले निर्मोही अखाड़ा की अयोध्या बैठक का कायाकल्प कराया जाएगा। अयोध्या पहुंचे अखाड़े के पंचों ने सोमवार देर शाम हुई बैठक में यह निर्णय लिया है। पंचों ने एक स्वर में कहा कि राममंदिर की मुक्ति के लिए निर्मोही अखाड़ा ने एक लंबा संघर्ष किया है। इसके फलस्वरूप आज भव्य राममंदिर का निर्माण हो रहा है। ऐसे में निर्मोही अखाड़ा का भी सुंदरीकरण होना चाहिए।
निर्मोही अखाड़ा के संतों ने कालांतर में रामजन्मभूमि की मुक्ति के लिए कई युद्ध लड़े। यही नहीं न्यायालय में भी अखाड़ा राममंदिर के हक में आवाज बुलंद करता रहा। अदालती लड़ाई में अखाड़े का काफी धन व्यय हुआ। रखरखाव के अभाव में अखाड़े की स्थित खराब हो गयी। अखाड़े की भूमिका को देखते हुए ही राममंदिर निर्माण के लिए गठित किए गए ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा को भी स्थान मिला है। निर्मोही अखाड़ा अयोध्या के महंत दिनेंद्र दास राममंदिर ट्रस्ट में सदस्य हैं।
उन्होंने बताया कि पंचों की बैठक में अखाड़े का भी नवनिर्माण करने का निर्णय हुआ है। बैठक में चित्रकूट स्थित कामदगिरि मंदिर के अधिकरी नरसिंह दास, चित्तौड़गढ़ स्थित आश्रम के महंत बाबा श्यामदास, उज्जैन के बालोदा स्थित आश्रम के महंत सम्राट दास व गुप्तारघाट अयोध्या स्थित गुप्तारगढ़ी के महंत घनश्यामदास उपस्थित रहे।