अयोध्या। रामलला के भक्तों के लिए सुग्रीव किला से रामजन्मभूमि तक नया दर्शनमार्ग बन रहा है। जन्मभूमि पथ के रूप में विकसित हो रहे 800 मीटर लंबे इस मार्ग पर एक साथ एक लाख श्रद्धालु चल सकेंगे। मार्ग की चौड़ाई 80 फीट होगी।
इतना ही नहीं इस पथ पर चलने वालों को धार्मिकता व आध्यात्मिकता का अहसास होगा। रामनगरी में अब भक्तों की संख्या तीन गुना बढ़ गई है इसी के मद्देनजर भक्तों के लिए सुविधाएं बढ़ाने का भी काम ट्रस्ट ने तेज कर दिया है।
भव्यता बढ़ाने के लिए पूरे रामजन्मभूमि पथ की दीवारों पर धार्मिक चित्रांकन होगा। पर्यावरण को संरक्षित करने के संदेश समेत इस पथ पर दोनों तरफ अधिक से अधिक हरियाली का भी प्रयास होगा। इसी मार्ग पर रामजन्मभूमि के प्रवेशद्वार पर तीर्थ यात्री केंद्र भी बनाया जाना है।
तीर्थ केंद्र में एक साथ 25 हजार भक्त ठहर सकेंगे। उनके सामान रखने की व्यवस्था होगी। साथ ही ट्रस्ट द्वारा दिव्यांग भक्तों के लिए भी विभिन्न प्रकार की व्यवस्थाएं की जा रही हैं ताकि वे अपने आराध्य का दर्शन सुलभता से कर सकें। परिसर के आस-पास ही श्रद्धालुओं को पार्किंग की सुविधा दी जाएगी।
राममंदिर के ट्रस्टी डॉ.अनिल मिश्र ने कहा कि राममंदिर निर्माण के समानांतर ही भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने का भी काम चल रहा है।
रामपथ पर ई-व्हीकल ही चलेंगे
रामपथ पर केवल इलेक्ट्रिक व्हीकल ही चलाए जाएंगे। इस पर बैटरी रिक्शा या इलेक्ट्रिक वाहनों के ही आवागमन को मंजूरी होगी। ट्रस्ट का कहना है कि रामजन्मभूमि परिसर सहित दर्शनमार्ग को भी इको फ्रेंडली बनाए जाने की तैयारी है। अभी फिलहाल बैटरी रिक्शा को मंजूरी दी जाएगी। श्रद्धालु जिस मार्ग से रामजन्मभूमि में प्रवेश करेंगे उसी मार्ग से वे वापस आ सकें, इसकी भी रूपरेखा ट्रस्ट तैयार कर रहा है।