स्थानांतरण नीति का अनुपालन न किए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर जिले के फार्मासिस्टों ने शुक्रवार को भी सुबह दो घंटे तक कार्य बहिष्कार किया। इस दौरान अस्पतालों में सुबह इलाज कराने पहुंचे मरीजों व तीमारदारों को काफी परेशानी हुई। कई अस्पतालों में तो सुबह 10 बजे तक चिकित्सक भी ओपीडी में नहीं बैठे और राउंड के नाम पर गायब रहे। इससे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा और सेवाएं बाधित हुईं। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर जिले के अस्पतालों में तैनात फार्मासिस्ट आंदोलित हैं।
काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करने, सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन व ज्ञापन देने के बाद 26 जुलाई से फार्मासिस्ट दो घंटे कार्य बहिष्कार करके प्रदर्शन कर रहे हैं। सुबह आठ बजे से 10 बजे तक यदि चिकित्सक मिल भी जाते हैं तो अन्य स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को नहीं मिल पाती हैं। दवा-चांज आदि के लिए उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है।
फार्मासिस्टों की हड़ताल की वजह से शुक्रवार सुबह करीब 09:15 बजे जिला अस्पताल के कक्ष संख्या तीन, दवा काउंटर आदि पर सन्नाटा पसरा रहा। काउंटर तो खुले रहे, लेकिन उन पर कोई कर्मचारी नहीं मिला। प्लास्टर रूम में भी एक भी फार्मासिस्ट नहीं मिला। जबकि, ओपीडी परिसर में तमाम मरीज सुबह ही बैठे चिकित्सक का इंतजार करते नजर आए।
दृश्य एक: सुबह के 09:10 बजे दवा वितरण कक्ष संख्या चार पर ताला लटका मिला।
एक भी कर्मचारी यहां नहीं मिला। आसपास कुछ मरीज हाथ में छोटी पर्ची लिए खड़े मिले।
दृश्य दो: सुबह 09:14 बजे कुत्ता, बंदर आदि के काटने पर लगने वाले रैबीज इंजेक्शन का कक्ष भी बंद मिला। नियांवा के उदय व मसौधा के अजय बच्चे को इंजेक्शन लगवाने के लिए खड़े थे।
दृश्य दो तीन: सुबह 09:15 बजे तक अस्पताल के फिजीशियन, चर्म रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजी, एक्स-रे आदि किसी भी कक्ष में एक भी चिकित्सक नहीं बैठा था। मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि सभी डॉक्टर राउंड पर हैं। आते ही होंगे।
रिकाबगंज निवासी विजय कुमार ने बताया कि सात वर्षीय बच्ची लक्ष्मी का अल्ट्रासाउंड कराने के लिए सुबह आठ बजे आया था, अब 10 बजने जा रहा है, लेकिन कोई चिकित्सक नहीं मिला।
पूराकलंदर के रामसकल ने बताया कि हाथ में सूजन आ गई है। हड्डी के डॉक्टर को दिखाने के लिए सुबह आठ बजे से आया हूं। न तो प्लास्टर रूम में कोई मिला न ही डॉक्टर। अब 10 बज रहा है, इंतजार कर रहे हैं।
काजी सराय शाहगंज निवासी सरोज देवी ने बताया कि पसली में दर्द है। हड्डी के डॉक्टर को दिखाने के लिए सुबह साढ़े आठ बजे से बैठी हूं। पता चला है कि हड़ताल चल रही है। 10 बजे के बाद दवा मिलेगी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. सीबीएन त्रिपाठी का कहना है कि फार्मासिस्टों की हड़ताल से सुबह कुछ देर से सेवाएं प्रारंभ हो पाती हैं। सभी चिकित्सक समय से राउंड लेकर ओपीडी में बैठ रहे हैं। हो सकता है कि उस समय चिकित्सक राउंड पर रहे हों, फिर भी सभी को समय से बैठने के लिए निर्देशित किया गया है। लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई भी होगी।