अयोध्या। शारदीय नवरात्र के तीसरे दिवस देवी मंदिरों में माता के तीसरे स्वरूप चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की गई। ब्रह्म मुहूर्त में जैसे ही देवी मंदिरों के पट खुले मां के दर्शनार्थ भक्तों की कतार लग गई। मंदिर प्रांगण देवी मां के जयकारों से गुंजायमान होने लगा। मंदिरों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन कर भक्तों को दर्शन पूजन करने की अनुमति दी जा रही है। बिना मास्क के आ रहे भक्तों से मास्क पहनने की अपील की जा रही है।
नवरात्र के तीसरे दिवस देवी मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। सिद्धपीठ बड़ी देवकाली, छोटी देवकाली, जालपा देवी मंदिर, शीतला माता मंदिर, हट्ठी महारानी मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, गुप्तार घाट स्थित मरी माता मंदिर, मुबारकगंज स्थित सिद्धपीठ में दिनभर भक्तों का तांता लगा रहा।
सिद्धपीठ छोटी देवकाली मंदिर में प्रतिदिन रात्रिकाल आठ बजे होने वाले माता की 1008 बत्ती की महाआरती में बड़ी संख्या में भक्त उमड़ रहे हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिरों में भी आस्था शिखर पर नजर आई। मवई के सुनबा जंगल में स्थित सिद्धपीठ कामाख्या भवानी मंदिर में बड़ी संख्या में भक्तों ने देवी माता की पूजा की। सभी देवी मंदिरों में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन काया जा रहा है।
रामनगरी अयोध्या एक बार फिर से अपनी रौ में लौटने लगी है। कोरोना के चलते करीब दो माह तक भक्तों से सूनी रही अयोध्या अब फिर गुलजार हो रही है। रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ तेजी से बढ़ रही है। सोमवार को शारदीय नवरात्र की तृतीय तिथि को अयोध्या में हजारों भक्तों का रेला उमड़ पड़ा।
हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के लिए दिनभर भक्तों की कतार लगी रही। यहां कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ती नजर आईं। हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन के दौरान कोरोना की गाइडलाइन का पालन होता नहीं दिखा। हजारों भक्तों की भीड़ नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कोई इंतजाम भी नहीं किए थे। दंतधावनकुंड तिराहे से लेकर राजसदन सदन तक गाड़ियों की कतार लगी रही, जिससे जाम की स्थिति भी बनती रही। वहीं रामलला के दरबार में भी भक्तों का तांता लगा रहा। सोमवार को रामलला के दरबार में करीब 4300 भक्तों ने हाजिरी लगाई।