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नवरात्र आज से, भक्त नहीं चढ़ा सकेंगे प्रसाद, बिना मास्क नहीं मिलेगा प्रवेश

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सजकर तैयार बड़ी देवकाली मंदिर। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। कोविड प्रोटोकाल के बीच मंदिरों में शारदीय नवरात्र का शनिवार से आगाज होगा। सुबह से ही कलश स्थापना और वैदिक अनुष्ठानों के बीच देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होगी।
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शुक्रवार देर शाम तक नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित सिद्धपीठों को सजाने-संवारने का काम पूरा हो गया। अयोध्या में भगवान राम की कुलदेवी छोटी देवकाली समेत जुड़वा शहर के दर्जनभर देवी मंदिरों कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पूजा-अर्चना हो सकेगी।
बिना मास्क पहने मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। साथ ही भक्त देवी मां को प्रसाद नहीं चढ़ा सकेंगे। चरणामृत व टीका आदि नहीं लगाया जाएगा। शुक्रवार को देवी मंदिरों को सैनिटाइज किया गया।
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नवरात्र की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को शहर में दुकानों पर पूजा, हवन और व्रत सामग्री की खरीदारी देर रात तक होती रही। दुकानों पर मां के भक्तों की खासी भीड़ रही। बड़ी देवकाली, प्रसिद्ध पाटेश्वरी मंदिर, शीतला माता मंदिर, चौक में हट्ठी महारानी मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, गुप्तार घाट के मणि माता मंदिर, जालपा नाले के निकट जालपा देवी मंदिर, अयोध्या में छोटी देवकाली मंदिर, मुबारकगंज सिद्धपीठ में शुक्रवार से माता के विभिन्न स्वरूपों की पूजा अर्चना शुरू होगी।
जिले के रुदौली, मिल्कीपुर, सोहावल, बीकापुर, भदरसा, मया, चौरे बाजार, गोसाईगंज, हैरिंग्टनगंज, कुमारगंज, अमानीगंज क्षेत्रों में सिद्धपीठों व देवी मंदिरों को सजाने संवारने का काम शुक्रवार देर शाम तक चला। कोरोना संकट के चलते इस बार मंदिरों में दो गज की दूरी को ध्यान में रखते हुए मास्क लगाकर आने वाले श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिलेगी। बड़ी देवकाली मंदिर के पुजारी सुनील पाठक ने बताया कि मंदिर कोविड प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। पांच-पांच की संख्या में श्रद्धालुओं को दर्शन कराया जाएगा। प्रसाद आदि चढ़ाने पर रोक रहेगी। चरणामृत व टीका आदि नहीं लगाया जाएगा।
सड़कों पर नहीं सजेंगे पंडाल, रामलीला स्थलों पर होगा रामायण का पाठ
इस बार सार्वजनिक स्थलों पर पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमा की स्थापना नहीं होगी। यहीं नहीं पूरा शहर रंग-बिरंगी लाइटों से झिलमिल भी नहीं होगा। मां के भजनों की गूंज इस बार नहीं सुनाई देगी। कोविड संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने यह फैसला किया है। प्रशासन ने लोगों से घरों में ही मां की प्रतिमा स्थापना कर पूजन करने की अपील की है। एडीएम सिटी डॉ. वैभव शर्मा ने बताया कि इस बार सांकेतिक रामलीला का आयोजन होगा, इन स्थलों पर महज रामायण का पाठ किया जाएगा। इसका निर्णय रामलीला कमेटी व प्रशासन की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है।
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