अयोध्या। राममंदिर निर्माण से बदले माहौल में रामनगरी में देश के तमाम प्रांतों से बड़े कारोबारी भूमि खरीदने मेें रुचि ले रहे हैं। ऐसे में तमाम स्थानों पर नगर निगम के अधीन सरकारी भूमि पर भी अवैध कब्जे करके बेचने की साजिश चल रही है।
ऐसे ही एक मामले को नगर निगम प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। भूमि सुरक्षित करने के लिए अपर नगर आयुक्त, सहायक अभिलेख अधिकारी और उपजिलाधिकारी सदर की तीन सदस्यीय टीम बनाई गई है।
राममंदिर को लेकर विहिप की कार्यशाला के पास ग्राम सभा माझा बरेहटा की नगर निगम की भूमि गाटा संख्या 7 से 17 व 22 और नगर निगम और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग की भूमि 2, 3 व 4 पर अवैध कब्जे की शिकायत सिद्ध पीठ हनुमान मंदिर परिक्रमा मार्ग, रामघाट आदि डीएम, सीआरओ, एसडीएम से की थी। इस भूमि को हाल में ही गैर प्रदेश के कारोबारियों को करोड़ों में बेचने की कोशिश चल रही थी।
हालांकि कई साल पहले ही मामले में अधिकारियों ने जांच कराकर भूमि सुरक्षित करने के आदेश दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। 5 नवंबर को नगर आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायक नगर आयुक्त को पत्र लिखा है कि तत्कालीन डीएम के 15 फरवरी 18 के पत्र, नगर आयुक्त के 16 फरवरी 18 के पत्र द्वारा भूमि की पैमाइश राजस्व व चकबंदी विभाग से करने के लिए एसडीएम सदर को पत्र लिखा गया था।
इसे लेकर कई बार टीम बनाई गई, परंतु प्रकरण में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। पत्र में लिखा है कि वर्तमान मुख्य राजस्व अधिकारी ने 20 अक्तूबर 20 को अपर नगर आयुक्त नगर निगम, सहायक अभिलेख अधिकारी व उपजिलाधिकारी सदर की तीन सदस्यीय टीम द्वारा प्रश्नगत भूमि की पैमाइश व जांच आख्या मांगी है। नगर आयुक्त ने सहायक नगर आयुक्त को आदेश दिया है कि तीन सदस्यीय समिति से समन्वय बनाकर भूमि की पैमाइश सुनिश्चित कराने व चिंहाकंन के बाद तार-बाढ़ कराना सुनिश्चित करें।