अयोध्या। किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत अब समय से पीड़ित का आवेदन न आया तो इसके लिए लेखपाल जिम्मेदार होंगे। इस तरह के कई मामलों में लेटलतीफी देखकर प्रशासन ने यह तय किया है। किसान दुर्घटना बीमा का लाभ उस किसान या कृषि मजदूर के परिवार को मिलता है जिसमें किसी की दुर्घटनावश मौत हो जाती है। इसमें उसके परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक क्षतिपूर्ति मिलती है। जागरूकता के अभाव में बड़ी संख्या में किसान इस योजना का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे में वे समय से आवेदन नहीं कर पाते और उनके आवेदन निरस्त हो जाते हैं। ऐसे कई मामले सामने आने के बाद अपर जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह ने एक आदेश जारी कर कहा कि क्षेत्रीय लेखपाल का यह दायित्व है कि वह दुर्घटना में मरने वाले किसान के परिवार का आवेदन समय से दाखिल कराए ताकि उसे समय से मुुआवजा दिया जा सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं तो पंचनामा सही
किसानों की दुर्घटनावश हुई मौत के मामले में ग्रामीण परिवेश के लोग बहुत कम पोस्टमार्टम करवाते हैं क्योंकि उन्हें पता ही नहीं होता कि उन्हें दुर्घटना का क्लेम भी मिलना है। एडीएम कहते हैं कि इसलिए प्रशासन ऐसे मामलों में पंचनामे की रिपोर्ट को भी स्वीकार करता है ताकि पात्र लोग जानकारी के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न रहें।