नियांवा जाने वाले मार्ग पर रविवार को यही भारी भरकम बीम जेसीबी से ढ़हाई गई।-संवाद
अयोध्या। सहादतगंज से नयाघाट तक रामपथ चौड़ीकरण के लिए बड़े पैमाने पर भवन तोड़े जा रहे हैं। मजदूरों के संकट के कारण यह काम ज्यादातर अपंजीकृत ठेकेदार करवा रहे हैं। ये लोग किसी मानक का पालन नहीं कर रहे हैं। रविवार को भी एक ठेकेदार ने नियांवा रोड पर दोपहर में एक भारी भरकम बीम जेसीबी से ढहा दी। न उसने यातायात बंद कराया, न ही पड़ोस में मजदूरों को सतर्क किया। बीम गिरने से एक मजदूर को चोट आई। गनीमत रही कि बड़ा हादसा नहीं हुआ। नियावां रोड पर अल्का टॉवर के करीब एक भवन तोड़ा जा रहा है जिसमें करीब 20 फीट लंबी भारी भरकम बीम को गिराया जाना था। यह काम एक ठेकेदार कर रहा था। ऐसे में पड़ोसी मनीष अग्रवाल ने उसे सचेत किया कि इसे गिराने का काम वह ड्रिल मशीन से ही कराए, ताकि उनके भवन को क्षति न पहुंचे। लेकिन ठेकेदार ने जेसीबी बुलाकर बीम को गिरवा दिया। इससे मनीष के मकान में काम कर रहे एक मजदूर के पैर चोटें भी आईं। गनीमत थी कि बाकी मजदूर उस वक्त अंदर थे और बीम का कोई हिस्सा सड़क की ओर नहीं गिरा।
पड़ोसी मनीष अग्रवाल ने जब ठेकेदार से नाराजगी जताई तो तकरार बढ़ गई जिसके बाद मनीष ने पुलिस बुला ली। आसपास के लोगों व पुलिस ने आपस में समझौता करा दिया। भले ही इस मामले में विवाद शांत हो गया हो। लेकिन इस घटना से इस रोड पर मनमानी तोड़फोड़ से खतरे की आशंका जगजाहिर हो गई है।
भवन तोड़ने के सारे नियम दरकिनार
- भवन तोड़ते समय भवन पर ग्रीन कवर लगाया जाना चाहिए, ताकि धूल न फैले
- तोड़फोड़ के दौरान गिट्टियां राहगीरों को न लगें, इसका इंतजाम भी होना चाहिए
- बड़ी मशीनों का इस्तेमाल से पहले अनुमति लेकर यातायात रोका जाना चाहिए
भवन तोड़ रहे सभी भवन स्वामियों को इस बारे में पहले ही आगाह किया जा चुका है कि तोड़फोड़ के दौरान सावधानी बरतें। जरूरत पड़े तो संबंधित मजिस्ट्रेट या पुलिस के माध्यम से यातायात को रुकवाएं, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो। इस बारे में एक बार फिर चेतावनी दी जाएगी और नियमों का पालन कराया जाएगा।- अमित कुमार सिंह, एडीएम प्रशासन