अयोध्या। राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन वर्ष से खड़ी कबाड़ हो रही 26 एंबुलेंस का अब तक निस्तारण नहीं हो सका है। अमर उजाला में सात जुलाई 2021 को खबर प्रकाशित हुई तो सीएमओ ने परिवहन विभाग को पत्र लिखा, लेकिन उसके बाद प्रक्रिया फिर शिथिल पड़ गई और एंबुलेंस आज भी अस्पतालों में कबाड़ हो रही हैं। आरटीओ प्रशासन मामले की जानकारी से ही इंकार कर रहा है तो सीएमओ अनुस्मारक भेजने की तैयारी में हैं।
जिले में इमरजेंसी सेवाओं की मजबूती के लिए 108 एंबुलेंस के 29 व 102 एंबुलेंस के 30 वाहन हैं। जीवीके कंपनी की ओर से इनका संचालन किया जाता है। वर्ष 2019 में एंबुलेंस पुरानी होने व कंपनी द्वारा निर्धारित दूरी तय करने के बाद 15 एंबुलेंस को राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज दर्शननगर के प्रांगण में खड़ी कर दी गईं। जबकि, 11 एंबुलेंस अलग-अलग सीएचसी पर खड़ी कर दी गईं। इनके स्थान पर शासन से दो बार में 39 एंबुलेंस प्राप्त हुईं, जिनसे काम चलने लगा तो पहले की 26 एंबुलेंस की विभाग को सुधि नहीं रही।
विभाग को हैंडओवर करते समय यह सभी एंबुलेंस चालू हालत में थीं। इनमें स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलिंडर समेत अन्य चिकित्सीय उपकरण भी रखे गए थे। लेकिन हैंडओवर करने के बाद से ही यह एंबुलेंस मेडिकल कॉलेज व सीएचसी की शोभा बढ़ा रही हैं। मौजूदा समय में यह एंबुलेंस खड़े-खड़े कबाड़ हो रही हैं।
परिवहन विभाग ने नहीं की कार्यवाही, भेजेंगे अनुस्मारक
-छह माह पूर्व ही परिवहन विभाग को पत्र लिखकर नीलामी की प्रक्रिया करवाने के लिए पत्र लिखा गया था। एक बार कमेटी भी बनी, लेकिन परिवहन विभाग की ओर से कोई रुचि नहीं ली गई। दो बार कर्मचारियों ने स्वयं मिलकर प्रक्रिया शुरू कराने के लिए अनुरोध किया, लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। अब अनुस्मारक भेजा जाएगा। -डॉ अजय राजा, सीएमओ, अयोध्या
कार्यवाही नहीं हुई तो भेजें अनुस्मारक
मामला संज्ञान में नहीं है। 29 कॉलम के एक प्रोफॉर्मा पर रिपोर्ट लगाकर कार्यवाही की जाती है। यदि सीएमओ के पत्र पर कार्यवाही नहीं हुई तो उन्हें अनुस्मारक भेजना चाहिए। जानकारी करके मामले का निस्तारण कराया जाएगा।-आरपी सिंह, एआरटीओ प्रशासन, अयोध्या