तारुन(अयोध्या)। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत गयासपुर में कराए गए विकास कार्यों की जांच में दोषी पाए गए पूर्व ग्राम प्रधान, तीन पूर्व ग्राम सचिव, तत्कालीन अवर अभियंता लघु सिंचाई के खिलाफ बृहस्पतिवार को रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
सोलर लाइट, हैंडंपप की बोरिंग रिबोर व मरम्मत की जांच में 9,53,220 रुपये की गड़बड़ी पकड़ी गई। रिपोर्ट डीएम के आदेश पर सहायक विकास अधिकारी पंचायत ने तारुन थाने में दर्ज कराई है।
गांव के रहने वाले राम कुमार शर्मा ने दो जून 2022 को शिकायत की थी कि ग्राम सभा में 2016-17 व 17-18 में लगवाई गई सोलर लाइटें बेकार पड़ी हैं। लाइटें मानक के अनुरूप नहीं है।
इसकी जांच सहायक अभियंता ग्राम विकास अभिकरण एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने की थी। जांच में सोलर लाइट में दुरुपयोग की गई करीब सात लाख रूपये की धनराशि की वसूली की संस्तुति की गई है।
स्थलीय जांच के दौरान अभिलेख प्रस्तुत न होने की दशा में भुगतान करने वाले अधिकारी-कर्मचारी व समय-समय पर तैनात रहे सचिव, ग्राम प्रधान और अभियंता बराबर के दोषी हैं। हैंडपंप मरम्मत और रिबोर कार्य में भी ग्राम प्रधान व अभियंता से 203140 रुपये की वसूली की संस्तुति डीएम ने की।
इसी तरह कूप मरम्मत कार्य में दलसिंगार के घर के सामने का मरम्मत न होकर, दलसिंगार के बाग के कूप की मरम्मत हुई लेकिन यहां मात्र औपचारिकता पाई गई। मरम्मत पर व्यय धन राशि रुपया 45180 के दुरुपयोग के लिए ग्राम प्रधान ग्राम सचिव एवं अवर अभियंता बराबर के दोषी ठहराए गए।
इस प्रकार तीनों मदों में अपव्यय की गई कुल धनराशि 953220 रूपये के लिए पूर्व ग्राम प्रधान, अवर अभियंता व पूर्व ग्राम पंचायत सचिव व तत्कालीन पंचायत सचिव विकासखंड तारुन को बराबर का दोषी बताया गया।
थाना प्रभारी निरीक्षक रतन सिंह ने बताया कि एडीओ पंचायत उमाशंकर सिंह की तहरीर पर ग्राम सभा की पूर्व प्रधान कुसुम, अवर अभियंता लघु सिंचाई राम तीरथ वर्मा, ग्राम विकास अधिकारी अभिमन्यु विश्वकर्मा, माता प्रसाद और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ आईपीसी की 409 में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।