अयोध्या। जिला कारागार में सजा पूरी कर चुके वह बंदी जो जुर्माना नहीं भर पाने के कारण जेल में हैं, ऐसे बंदियों को रिहा कराने के लिए जिले के समाजसेवी आगे आ रहे हैं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक के प्रयास से डेढ़ वर्ष में ऐसे 11 बंदियों की रिहाई कराई जा चुकी है। वर्तमान में तीन बंदी हैं, जो जुर्माना न भर पाने के कारण अभी भी जेल में हैं। जेल प्रशासन इनकी भी रिहाई कराने के लिए प्रयासरत है।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक शशिकांत मिश्र ने बताया कि यह बंदी आर्थिक अभाव व परिवार द्वारा सहयोग न करने के कारण न्यायालय द्वारा निर्धारित जुर्माना नहीं भर पा रहे थे। इसके चलते सजा पूरी करने के बाद भी वह जेल में थे। बताया कि इसके लिए उन्होंने जिले के समाजसेवी संगठन व सामाजिक कार्य करने वाले लोगों से बात की। इस पर लोगों ने उनका साथ दिया और जुुर्माना भर उनकी रिहाई कराई।
बताया कि अभी भी जिला कारागार में सिद्धदोष बंदी जीशान (23) जुर्माना 2667 रुपये, अजीत कुमार (32) जुर्माना 2500 रुपये व मो. अनीस (48) का जुर्माना 4822 रुपये है। इनके लिए भी समाजसेवियों से आग्रह किया गया है, जल्द इन्हें भी रिहा करा दिया जाएगा।
18 माह में रिहा हुए सिद्धदोष बंदी-
क्रम संख्या-नाम-जुुर्माना-रिहा कराने वाले समाजसेवी
1-रविंद्र मोहन यादव-9333 रुपये-डॉ. नीलम ओझा
2-दिलीप कुमार सरोज-4667 रुपये-डॉ. नीलम ओझा
3-रविंद्र कुमार यादव-2400 रुपये-डॉ. नीलम ओझा
4-अशोक कुमार शर्मा-5667 रुपये-डॉ. नीलम ओझा
5-सतीश नारायन पांडेय-2417 रुपये-डॉ. नीलम ओझा
6-प्रकाश-13330 रुपये- मनोज कुुमार एमकेजी रायपुर
7- राम सूरत मिश्रा- 11500 रुपये-शैलेंद्र मिश्र छोटे
8-सुरेश-10000-एस्सेल गुरुकुल विद्यापीठ धर्मार्थ ट्रस्ट
9-जय सिंह-10000 रुपये-एस्सेल गुरुकुल विद्यापीठ धर्मार्थ ट्रस्ट
10-देशराज-2500 रुपये-मीना सोनी
11-दिव्यांशु गुप्ता-3500 रुपये-शैलेंद्र मिश्र छोटे