अयोध्या। हनुमानगढ़ी के संतों ने रामचरितमानस पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत ज्ञानदास के शिष्य व संकटमोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय दास ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से मांग की है कि स्वामी प्रसाद मौर्य को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाएं।
हनुमानगढ़ी से निकली विरोध यात्रा लता मंगेशकर चौक तक गई। जहां पर संत समाज ने जूते की माला पहनाकर स्वामी प्रसाद मौर्य के पुतले का दहन किया। इस अवसर पर महंत संजयदास कहा कि अयोध्या के साधु समाज के साथ सभी अयोध्या वासियों ने स्वामी प्रसाद के बयान का विरोध किया है। चेतावनी देते हुए कहा कि अगर स्वामी प्रसाद ने माफी नहीं मांगी तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।
कहा कि अखिलेश यादव धार्मिक व्यक्ति हैं। जो मथुरा और वृंदावन भी गए थे। अपने पिता के स्वर्गवास के समय उन्होंने धार्मिक अनुष्ठान पूरे रीति-रिवाज के साथ किया है। हनुमानगढ़ी के सरपंच मुरली दास ने कहा कि स्वामी प्रसाद को सनातन धर्म के प्रति इस तरीके की बयानबाजी नहीं करना चाहिए। वह धार्मिक नहीं अधर्मी व्यक्ति हैं। स्वामी प्रसाद साधु संतों के साथ रहकर सत्संग करें तब उनको रामचरितमानस का ज्ञान होगा।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में जगतगुरु परमहंस आचार्य, महंत नंदराम दास, महंत डॉ. महेश दास, महंत सत्यदेव दास, महंत हरीभजन दास, पुजारी हेमंत दास, संत मामा दास, पहलवान राजेश दास, नागा अभिषेक दास, पहलवान मनीराम समेत सैकड़ों नागा साधु मौजूद रहे।