अयोध्या। जेवरात की दुकानों से सोना और चांदी लेकर गलाने-पकाने का काम करने वाला एक परिवार शहर से करोड़ों का जेवर लेकर रातों-रात फरार हो गया था। मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने करीब चार साल बाद गिरफ्तार कर लिया है।
मूल रूप से महाराष्ट्र के सांगली जिले में बेलवड़े गांव के निवासी बजरंग तंवर और उसके बेटे कैलाश तंवर ने टेढ़ीगली बजरंग टावर सराफा मंडी में एसबीआई गोल्ड कम्प्यूटराइज्ड टंच सेंटर नाम की फर्म खोली थी। जहां सोना-चांदी गलाने व पकाने का काम किया जाता था। यह परिवार अयोध्या में करीब 35 वर्ष से रह रहा था, ऐसे में सराफा कारोबारियों का विश्वास उनके ऊपर जम गया था। 28 अप्रैल 2019 को इस फर्म ने चार सराफा व्यवसायियों का करोड़ों का जेवर लिया। इसके बाद फर्म के मालिक परिवार समेत फरार हो गए।
पीड़ित सराफा व्यवसायियों ने कोतवाली नगर में पिता-पुत्र के नाम से मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस को यह जानकारी तो मिल गई कि यह परिवार अब मुंबई चला गया है, लेकिन मुंबई पहुंचकर पहले भी दो टीमें खाली हाथ लौटी थीं। इस बार पुलिस टीम को सफलता मिल गई और बजरंग तंवर को टीम ने उसके मूल निवास से गिरफ्तार कर लिया और अयोध्या ले आई। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह जानकारी सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शमशेर बहादुर सिंह ने दी।
रिमांड मांगेगी पुलिस
सीओ सिटी शैंलद्र सिंंह ने बताया कि सोना-चांदी लेकर भागने वाले दल की तलाश में पहले पुलिस टीमें निराश होकर लौट चुकी थीं। क्योंकि उन्हें अयोध्या से ही भनक लग जाती थी। ऐसे में इस बार टीम ने आठ दिन तक वहां डेरा डाले रखा और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर ही लिया। पुलिस मुख्य आरोपी को रिमांड पर लिया जाएगा ताकि उससे दूसरे आरोपी के बारे में व अन्य जानकारियां जुटाई जा सकें।