अयोध्या। कोतवाली क्षेत्र के गांव सरेठी में 22 सितंबर को हुई घुमंतू समुदाय की महिला की हत्या उसके जेठ ने कराई थी। पुलिस के अनुसार जेठ ने अपने साथी को हत्या कर उसके दुश्मनों का फंसाने का लालच दिया था, इसके लिए उसी ने तमंचा उपलब्ध कराया। जिसके बाद उसके साथी ने रात में महिला की हत्या कर दी।
एसपी सिटी ने बताया कि बीते 22 सितंबर को अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के गांव सरेठी में घुमंतू समुदाय की महिला लक्ष्मी पत्नी जिद्दी की रात करीब दो बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
मामले में आरोपी ने जिनके ऊपर शक जताया था, पुलिस वहां वारदात के करीब डेढ़ घंटे बाद पहुंच गई थी। जहां सभी घर में सोते मिले थे। शक होने पर पुलिस ने जब मामले की जांच की तो हकीकत सामने आ गई।
सीओ अयोध्या अमर सिंह ने बताया कि शक होने पर जब उसके परिवारीजनों से पूछताछ की गई तो घटना में मृतका के जेठ भीमा निवासी सरेठी की भूमिका संदिग्ध पाई गई क्योंकि वो ही बार-बार आरोपियों के नाम ले रहा था।
थोड़ी सी सख्ती करने पर उसने हत्या का राज खोल दिया। उसने बताया कि वो अपने छोटे भाई जिद्दी की पत्नी से परेशान था, वो बार-बार पति के साथ आगरा में रहने की बात कर रही थी। वो पहले भी अपने पति व बच्चों के साथ आगरा में रही है, वहां से पूरे परिवार को लाने का प्रयास करने पर लक्ष्मी ने उसे पिटवाया भी था।
इसको लेकर भीमा ने लक्ष्मी की हत्या करने का फैसला किया, इसके लिए उसने अपने साथी सोनू निवासी किशनदासपुी को तैयार किया। आरोपी ने बताया कि सोनू डेढ़ साल पहले अयोध्या के जयसिंहपुर निवासी रामबाबू की पत्नी को भगा ले गया था।
चार माह बाद जब वह वापस आया तो पंचायत ने उस पर 30 हजार का जुर्माना लगाया था, इसको लेकर रामबाबू से उसकी मारपीट भी हुई थी, जिसका केस भी दर्ज हुआ था। भीमा ने बताया कि उसने लक्ष्मी की हत्या कर रामबाबू व उसके परिजनों को फंसाने की बात कही तो सोनू मान गया।
इसके बाद उसने तमंचे का इंतजाम किया, जिसे लेकर सोनू ने लक्ष्मी की हत्या कर दी थी। सीओ ने बताया कि मामले में भीमा व सोनू को गिरफ्तार कर लिया गया है, सोनू के पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद कर लिया गया है।