अयोध्या। प्रेमिका की शादी दूसरी जगह तय हो गई तो प्रेमी ने अपने दो सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। मामले में कोर्ट ने प्रेमी और उसके एक सहयोगी को दोषी पाते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर 25 हजार जुर्माना भी हुआ है । अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के पिता को देने का आदेश हुआ है। यह आदेश अपर जिला जज मोहिंदर कुमार की अदालत से बृहस्पतिवार को हुआ।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवीण सिंह व राहुल सिंह ने बताया कि घटना 14 सितंबर 2021 की है। रुदौली थाना क्षेत्र के पूरे मलिक की रहने वाली गायत्री देवी के घर वाले खेत में काम करने गए थे। इस दौरान वह घर से गायब हो गई। इसके बाद वह बेहोशी की हालत में सड़क के पास मिली। परिवारीजन उसे चिकित्सालय ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसकी रिपोर्ट मृतका के भाई विनोद ने अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखाई थी।
विवेचना में मोहम्मद अनस उर्फ मोनू, मुकेश यादव और हाफिज का नाम प्रकाश में आया। घटना का खुलासा होने के बाद विवेचक ने तीनों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया। दौरान मुकदमा अभियुक्त हाफिज बाल अपराधी घोषित हो गया। इसलिए इसका मुकदमा किशोर न्याय बोर्ड में चल रहा है। अन्य दोनों को कोर्ट ने हत्या व साक्ष्य छिपाने का दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
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मारपीट में चार को तीन साल की सजा
अयोध्या। मारपीट के मामले में चार लोगों को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। सभी पर 28 हजार जुर्माना भी हुआ है। फैसला अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट कुलदीप सिंह की अदालत से हुआ।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता श्रीधर मिश्रा, कौशल कुमार चतुर्वेदी व विशेष लोक अभियोजक रणजीत मिश्रा ने बताया कि घटना 10 अक्तूबर 2019 की है। राम बहादुर सिंह अपनी गाड़ी से अमानीगंज से अपने घर नन्दोली वापस जा रहे थे। जब वह विश्वनाथ के घर के सामने पहुंचे तो घरेलू सामान लेने विश्वनाथ की दुकान पर गए।। वहां पैसे के लेनदेन के विवाद को लेकर अभियुक्तगण ने उन्हें लाठी-डंडा और लोहे की राड से पीटा था। इसकी रिपोर्ट विश्वनाथ, रामू, बद्री प्रसाद, रामपाल, कालिका प्रसाद, विजय कुमार, राम गणेश, रामू व अमित के खिलाफ लिखी गई थी। कालका प्रसाद और राम गणेश की दौरान मुकदमा मृत्यु हो गई और अमित व रामू के खिलाफ आरोप पत्र बाद में प्रस्तुत किया गया। अन्य चारों लोगों को सुनवाई के बाद कोर्ट ने दोषी पाते हुए सजा दी।