बाराबंकी। बड्डूपुर थाना क्षेत्र के लिलौली गांव में मात्र डेढ़ फीट जमीन पर कब्जेदारी के विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इसमें दबंग पट्टीदारों ने दिनदहाड़े लाठियों व धारदार हथियार का प्रयोग कर एक महिला की हत्या कर दी। हमले में मृतका का पति गंभीर घायल हो गया। घटना के बाद गांव में तनाव व दहशत का माहौल व्याप्त है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात को किसी तरह काबू में करते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाया। हत्यारोपी चचेरा ससुर घटना के बाद से अपने पुत्रों समेत फरार है। पुलिस इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
बड्डूपुर थाना क्षेत्र के लिलौली गांव के निवासी रामलखन व रामसजीवन चचेरे भाई है। दोनों के मकान के सामने सहन की जमीन पर एक हैंडपंप लगा है। यहीं पर रामसजीवन का एक छप्पर रखा था। सोमवार देर रात में रामलखन के पक्ष ने छप्पर का खंभा आगे करने की बात कहते हुए उसे जबरन करीब डेढ़ फीट पीछे कर दिया। इसी बात को लेकर मकान के सामने खड़ंजे पर रामलखन के पुत्र नीरज कुमार (30) व बहू सविता (28) से राज सजीवन की नोकझोंक होने लगी। देखते ही देखते रामसजीवन ने लाठी से सविता व उसके पति नीरज पर हमला बोल दिया। आरोप है कि इसके बाद रामसजीवन ने पास पड़ा बेलचा उठा कर सविता व नीरज पर घातक प्रहार किया। सिर पर चोट लगने से सविता की मौके पर ही मौत हो गई जबकि नीरज गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे गांव क्षेत्र में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया।
सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर घायल नीरज को जिला अस्पताल भिजवाया। गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है। इस मामले में मृतका के ससुर की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मौके पर पहुंचे एएसपी उत्तरी आशुतोष मिश्रा ने मृतका के ससुर रामलखन व ग्रामीणों से घटना के संबंध में विस्तार से जानकारी लेकर आरोपी रामसजीवन व अन्य आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।
पुलिस की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद मृतक महिला का शव जब बीते मंगलवार की शाम लिलौली गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। एक पुत्र व दो पुत्रियों के सिर से मां का साया छिनने के बाद उन्हें बिलखता देख गांव वालों की आंखों में भी आंसू छलक आए। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में मृतका का अंतिम संस्कार हुआ।
बहू की हत्या व बेटे के घायल होने से बदहवास रामलखन के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। धोबी जाति का होने के कारण यह परिवार कपड़े धोने व उसे प्रेस करके अपना भरण पोषण करता है।