जिले में मानसून 20 से 22 जून के बीच दस्तक देगा। हालांकि बेजुबानों, किसानों और आम लोगों के लिए खुशी की बात यह है कि तब तक बीच-बीच में प्री मानसून इलाके में बदली-बूंदाबांदी तथा बरसात से कुछ हद तक गर्मी से राहत पहुंचाता रहेगा।
विशेषज्ञ बताते हैं कि किसान अगर खेतों की जुताई करके अच्छी प्रजाति के धान की नर्सरी तत्काल डाल दें, तो मानसून आने तक नर्सरी 20-22 दिनों की हो जायेगी और रोपाई में आसानी होगी।
नरेन्द्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम विज्ञान विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष, यूपी क्रॉप वेदर वाच ग्रुप के पूर्व राज्य समन्वयक प्रो. पद्माकर त्रिपाठी ने मिले डेटा के आधार पर कुछ ऐसे ही निष्कर्ष निकाले हैं।
उनका कहना था कि प्री मानसूनी वर्षा से वातावरण में नमी बढ़ रही है। यह नमी मानसून को भी आगे बढ़ाने में सहायक बन रही है। अंडमान-निकोबार से 20 मई को आगे बढ़ रहा मानसून मंगलवार तक केरल पहुंचना था।
लेकिन अब यह दो-तीन दिन लेट हो गया है। ऐसे में 18-19 जून तक दस्तक देने वाले मानसून के 20-22 जून तक आने की प्रबल उम्मीदें बन रही हैं। बंगाल की खाड़ी का मानसून यहां पहुंचने से पहले प्री मानसूनी बरसात होती रहेगी।
इससे लोगों को धूप, गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि राहत की बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से उत्तराखंड, पंजाब और दिल्ली में अच्छी वर्षा हो रही है। जिले में भी प्री मानसूनी वर्षा और बूंदाबांदी हो रही है तथा नमी बढ़ रही है।
कहा, किसानों के लिए ऐसा मौसम धान की नर्सरी डालने के लिए सर्वथा अनुकूल है। मानसून आने तक नर्सरी 20-22 दिनों की हो जायेगी और खेतों में रोपाई आसान होगी।