बुढ़वा मंगल पर्व पर मंगलवार को रामनगरी में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सरयू तट से प्रमुख मठ-मंदिरों में सुबह से देर शाम तक दर्शनार्थियों का रेला रहा। प्रसिद्ध मतगजेंद्र बाबा स्थान पर मेला लगा।
अशर्फी भवन पर प्रांतीय दंगल में विभिन्न जिलों से पहलवानों ने हिस्सा लेकर अपने जौहर का प्रदर्शन किया। उधर, फैजाबाद के नाका हनुमानगढ़ी समेत देहातों में भी लोगों ने मंदिरों में बुढ़वा मंगल की होली मनाई।
होली पर्व के बाद पड़ने वाले पहले मंगल को बड़े मंगल के रुप में मनाए जाने को लेकर आज भोर से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। सरयू में डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रसिद्ध नागेश्वरनाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्रीराम जन्मभूमि आदि प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए लगी रही।
भट्ठों व अन्य स्थानों पर मजदूरी करने वाले मजदूरों की भारी भीड़ से हनुमानगढ़ी व आसपास के क्षेत्रों में सुबह से शाम तक मेले जैसा दृश्य रहा। भीड़ के दबाव के मद्देनजर पुलिस को यातायात भी प्रतिबंधित कर देना पड़ा।
दूसरी बेला के बाद ही यातायात सामान्य हो सका। शाम को मतगजेंद्र बाबा स्थान पर परंपरागत मेला आयोजित हुआ। अशर्फी भवन चौराहे पर प्रांतीय दंगल का आयोजन किया गया। दंगल में वाराणसी, आजमगढ़, जौनपुर, गोरखपुर, फैजाबाद व अयोध्या के पहलवानों ने हिस्सा लिया। दंगल का उद्घाटन सूबे के वन राज्यमंत्री तेज नारायण पांडेय ने किया।
दंगल में वाराणसी के विनोद व नंदिनी नगर के अरुण, वाराणसी के अरविंद व ख्वासपुरा फैजाबाद के घनश्याम, मुमताजनगर के रमेश कुमार व हनुमानगढ़ी के विजय दास, ख्वासपुरा के अनुजदास व जौनपुर के सुजीत, गोरखपुर के विवेक यादव व ख्वासपुरा के चंद्रशेखर और नंदिनी के जय सिंह व ख्वासपुरा के अनुज यादव के बीच मुकाबला बराबरी पर छूटा।
पहलवान गोरखपुर के सुरेंद्र यादव ने वाराणसी के विनोद, नंदिनी के सूर्य प्रकाश ने मंजीत यादव, श्यामासदन के हनुमानदास ने टांडा के ध्रुवचंद तिवारी, नंदिनी के मनोज तिवारी ने हनुमानगढ़ी के प्रदीपदास, मुमताजनगर के संतोष यादव ने तुलसीपुर के बलजीत व बस्ती के सुरेश ने तुलसीपुर के शिवाजी को पटखनी दी।
बाबा घनश्यामदास की ओर से अतिथियों का स्वागत किया गया। महंत राम कुमार दास, पहलवान अवधेशदास, महंत रामनंदनशरण, बृजमोहन दास, गोपालदास, अनंताचारी, हरिभजनदास, हरिदयालदास शास्त्री, बाबा शिवशंकर दास आदि मौजूद रहे।
उधर, फैजाबाद शहर के नाका स्थित सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी में हनुमानजी का अभिषेक हुआ, आभूषण धारण कराया और विग्रह को सिंदूर का चोला चढ़ाकर पुजारी रामदास ने पूजन-अर्चन किया। अरुणोदय काल में श्रंगार-आरती हुई।
विविध पकवानों का भोग लगा और भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरित किया गया। गर्भगृह सहित मंदिर परिसर को कई तरह के सुगंधित फूलों से सजाया गया था। आयोजन में महंत भास्कर दास, रामनेवाज दास, अजय तिवारी, विनय पांडेय, राम प्रकाश सिंह, ज्ञान केसरवानी, तिलकराज तिवारी, गोविंद पांडेय सहित तमाम भक्त शामिल रहे।