अयोध्या। रामनगरी में 1200 एकड़ में बनने वाली नव्य अयोध्या में आधुनिकता के साथ धार्मिकता की भी झलक दिखेगी। नव्य अयोध्या में न सिर्फ विभिन्न धर्म, संप्रदाय, पंथ के मठ-मंदिर व आश्रम बनेंगे, बल्कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त टाउनशिप का भी निर्माण होगा।
सेवन स्टार, फाइव स्टार, थ्री स्टार होटल सहित विभिन्न राज्यों के लिए गेस्ट हाउस के लिए जमीन भी आरक्षित की जाएगी। इसके लिए तीन गांवों की 1200 एकड़ जमीन अधिग्रहीत करने की कार्रवाई चल रही है। तीनों गांवों के अब तक 440 किसानों ने सहमति भी दे दी है।
नव्य अयोध्या के लिए रामनगरी के शाहनेवाजपुर, तिहुरा मांझा व मांझा बरहटा की 1200 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की जानी है। अयोध्या दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने सात जनवरी को नव्य अयोध्या की योजना को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की थी।
उन्होंने इसको त्वरित गति से क्रियान्वयन के निर्देश दिए थे। जिसके बाद योजना को लेकर कार्रवाई तेज हुई है। तीनों गांवों के जमीन अधिग्रहण के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। इसके लिए तीनों गांवों में ड्रोन से सर्वे किया जा रहा है।
अब तक शाहनेवाजपुर व तिहुरा मांझा में सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। मांझा बरहटा में सर्वे किया जा रहा है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ग्रामीणों ने मुआवजा को लेकर विरोध भी किया था।
कई चक्रों की वार्ता ग्रामीणों व प्रशासन के बीच हुई जिसके बाद किसानों से मुआवजा को लेकर सहमति बन गई है। तीनों गांवों के 1523 किसानों में से 440 किसानों ने सहमति दे दी है।
नव्य अयोध्या में 163342 स्क्वायर मीटर में आश्रम, 571724 स्क्वायर मीटर में होटल बनेंगे। इसके अलावा 924974 स्क्वायर मीटर जमीन आवासीय प्रखंड के लिए आरक्षित होगी। 332363 स्क्वायर मीटर एरिया कॉर्मिशयल होगा।
इसके साथ ही 602213 स्क्वायर मीटर में हरियाली की व्यवस्था होगी। शेष जमीन नव्य अयोध्या के अंतर्गत ही अन्य प्रखंडों के लिए आरक्षित की जानी है।
मांझा बरहटा में चकबंदी न होने से जमीन अधिग्रहण में समस्या आ रही है। यहां गांव में कुछ नए रास्ते बन गए हैं। नई आबादी भी हो गई है। यहां नई आबादी व रास्ते को लेकर ड्रोन से सर्वे कराया जा रहा है।
खसरे में सड़क नहीं दिख रही है जबकि मौके पर सड़क बन गयी है। कौन-कौन सी सड़कें बन गई हैं। उनका आवास विभाग द्वारा ड्रोन सर्वे कराया जा रहा है।
सर्वे के बाद सत्यापन कराकर उसी हिसाब से मूल्यांकन तैयार होगा। जबकि शाहनेवाजपुर व तिहुरा मांझा में चकबंदी पहले ही हो चुकी है। इसलिए यहां जमीनों का मूल्यांकन तय कर लिया गया है।
नव्य अयोध्या में न सिर्फ विभिन्न प्रदेशों के लिए जमीन आरक्षित की जाएगी बल्कि विदेशी राष्ट्रों के लिए भी जमीन आरक्षित किए जाने की तैयारी है। बताया गया कि ऐसे करीब 10 देश हैं जिनकी अयोध्या में आस्था हैं।
उनके लिए नव्य अयोध्या में जमीन आरक्षित की जाएगी। भगवान श्रीराम व अयोध्या को लेकर विश्व के कई देशों में गहरी आस्था है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि विश्व के करीब 70 देशों में रामलीला का मंचन किया जाता है। कई देश नव्य अयोध्या में अपनी संस्कृति की भी मौजूदगी चाहते हैं।
राजस्व ग्राम कुल खातेदार सहमति प्राप्त खातेदार
शाहनेवाजपुर 477 303
बरहेटा 565 127
तिहुरा 481 10
कुल 1523 440
अब तक तीनों गांवों के 440 किसानों ने अपनी सहमति दे दी है। नव्य अयोध्या में कॉमर्शियल, आवासीय, धार्मिक भूखंड सहित विभिन्न प्रदेशों के गेस्ट हाउस, थ्री स्टार, फाइव स्टार होटल के लिए जमीनें दी जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे देश जिनको अयोध्या से लगाव है, ऐसे करीब 10 राष्ट्रों के लिए भी जमीन आरक्षित की जाएगी।- ओपी पांडेय, सहायक अभियंता, आवास विकास परिषद