अयोध्या। मिशन शक्ति के तहत प्रामिनेंट पब्लिक स्कूल समिति द्वारा दिव्यांगों के लिए वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें अस्थि दिव्यांग , नेत्र दिव्यांग व वाकदोष से ग्रसित दिव्यांग बालिकाओं एवं महिलाओं ने भाग लिया। वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए डॉ. रानी अवस्थी ने कहा कि मिशन शक्ति दिव्यांग बालिकाओं का कवच है। यह तभी करागर होगा जब महिलाएं स्वयं जागरूक होंगी और अपने अधिकारों को समझेंगी।
उन्होंने कहा प्रत्येक महिला का यह भी दायित्व है कि वह अपने आसपास रहने वाली दूसरी महिला की भी मदद करे। महिलाओं के लिए कौन-कौन से कानून हैं यह भी जानना होगा। मनोवैज्ञानिक निशा ने कहा कि ने कहा कि किशोरावस्था में बच्चों के भटकने की बहुत ही संभावना रहती है। मानसिक रूप से कमजोर बच्चे भी अपने शारीरिक परिवर्तन के कारण भावनाओं में बहकते हैं- अत: अभिभावक उनकी भावनाओं को सही मार्गदर्शन करें।
जूडो प्रशिक्षक विक्रम सिंह ने बताया कि किस प्रकार से दिव्यांग बालिकाओं ने जूडो प्रशिक्षण प्राप्त करके अपनी सुरक्षा स्वयं कई बार की है। अत: बालिकाओं को जूडो प्रशिक्षण अवश्य प्रदान कराएं। एडवोकेट सर्वेश अवस्थी द्वारा महिलाओं की सुरक्षा हेतु बनाये गए कानूनों के विषय में जानकारी दी गयी और बताया गया कि महिलाओं के लिए कई कानून बनाए गए हैं।
उन्होंने कई कानूनों की जानकारी दी। समिति की उपाध्यक्ष रंजना गौड़, ध्यान एवं योग शिक्षिका रुचि ने भी विचार रखें। अंत में समिति एवं मुस्कान पुनर्वास केंद्र अयोध्या के प्रबंधक राघवेंद्र अवस्थी ने मूक बधिर बालिकाओं से सांकेतिक भाषा में उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।