माइनर कटने के बाद दुरुस्त किया गया बांध।
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सिंचाई विभाग की लापरवाही के चलते मंगलवार की शाम को बांधी गई माइनर पानी छोड़ते ही रात में उसी जगह से फिर कट गई। इसके कारण पहले से खराब हो रही फसलें फिर जलमग्न हो गई। साथ ही रात में गांव के कई घरों-दुकानों में पानी घुस गया। लोगों को अपनी गृहस्थी बचाने के लिए रात भर कड़ी मश्क्कत करनी पड़ी।
शारदा सहायक नहर से निकलने वाली माइनर चांदपुर रजबहा मंगलवार को भोर कट गई थी। इसके कारण पास के खेतों में लगी मेंथा की कई बीघा फसल बर्बाद हो गई। दूसरी फसलों की भी क्षति हुई। माइनर कटने के बाद प्रशासन को सूचना दी गई तो माइनर में पानी बंद किया गया।
शाम को सात बजे तक माइनर की कटान फिर बांधी गई लेकिन काम में लापरवाही का आलम ऐसा रहा है कि माइनर में पानी खोला गया तो मंगलवार रात बांधा गया किनारा पानी के दबाव में फिर बह गया और पानी गांव सिंडहिर नरसिंहपुर में घुस गया।
गांव के रहने वाले ओंकार सिंह, राम कुमार, रामनरेश, रामप्रगट, रामदीन, राजकुमार, विशुन, रामटहल, रामकेवल के घरों में एक फीट से ज्यादा पानी भर गया। कई की दीवारें ढह गई। राशन और सामान बचाने में रात भर गांव के लोग मशक्कत करते रहे।
सुबह एसडीएम रमेश रंजन को सूचना दी गई तो वे लाव लश्कर के साथ गांव पहुंचे लेकिन सिंचाई विभाग का कोई कर्मी नहीं पहुंचा। बाद में पहुंचे जेई रवींद्र सिंह को कड़ी फटकार सुननी पड़ी। ग्रामीणों के सहयोग से बोरियों में बालू भर किनारा बांधा गया।