सोहावल तहसील क्षेत्र के चांदपुर रजवाहा गांव के पास सोमवार रात माइनर कटने से 50 बीघा से अधिक मेंथा, उड़द, मक्का की फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो गईं। इससे किसानों को भारी नुकसान होने का अनुमान है। पानी कई घरों में भी घुस गया है।
पीड़ित किसानों की सूचना के बाद मंगलवार को देर से पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने माइनर की मरम्मत का काम शुरू किया। चांदपुर रजवाहा ग्राम सभा के सिडहिर नरसिंह गांव निवासी हरिश्चंद्र के खेत में सामने सोमवार रात लगभग 10 बजे माइनर कट गई।
जब तक ग्रामीणों को इसकी जानकारी होती माइनर की कटान करीब 25 फीट हो चुकी थी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कटी माइनर को पाटने का प्रयास किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।
इसके बाद ग्रामीणों ने नहर विभाग के एक्सईएन, जेई रविंद्र सिंह, एसडीएम सोहावल को सूचना दी लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी कोई सहायता नहीं मिली। मंगलवार को देर से पहुंचे सिंचाई अधिकारियों ने माइनर की मरम्मत का काम शुरू किया।
जिसके चलते किसान अजय सिंह की सात बीघा, रामू के मेंथा की पांच बीघा, स्वामी चौरसिया की पांच बीघा मेंथा, मनोज यादव की उरद की तीन बीघा, अशोक श्रीवास्तव की उरद की चार बीघा, शंकर के मेंथा की चार बीघा, त्रिलोकी यादव की मेंथा की दो बीघा, राजकुमार यादव की मक्का की चार बीघा, छोटेलाल की मक्का की चार बीघा, बाबूलाल के उरद की चार बीघा, रामसुमेर यादव के मेंथा की दो बीघा फसल जलमग्न हो गई।
इससे किसानों को कई लाख रुपये का नुकसान हुआ है। यहीं नहीं नहर का पानी गांव निवासी राजकुमार यादव, रामटहल, रामकेवल, विशुन सहित कई लोगों के घरों में घुस गया है। इस बाबत नायब तहसीलदार पैगाम हैदर ने बताया कि सूचना के बाद माइनर का पानी बंद करा दिया गया है।
इसकी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी गई है। चार लेखपालों को लगा दिया गया है। सर्वे करके जो रिपोर्ट देंगे। उसके आधार फसल का मुआवजा दिया जाएगा। सिंचाई विभाग के जेई को लेकर मौके पर पहुंच गए हैं। माइनर की मरम्मत के लिए मजदूर लगा दिए गए हैं।