अगले 24 घंटों में भी मौसम के ऐसे ही रहने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार दो दिनों से पछुआ हवा चलने से मानसूनी बादल लुप्त हो गये हैं।
इससे उमस और गर्मी बढ़ गई है। वातावरण में 92 प्रतिशत पहुंची आद्रता गुरुवार को गिरकर अधिकतम 78 और न्यूनतम 62 फीसदी पर पहुंच गई। हवा साढ़े चार किमी. की गति से उत्तरी-पश्चिमी चल रही है।
इसकी वजह से हर कोई उमस-गर्मी से परेशान रहा। नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि गुरुवार को दर्ज दोनों ही तापमान सामान्य रहे।
कहीं-कहीं हल्की बूंदाबादी हुई है। अगले 24 घंटों में भी मौसम के इसी तरह रहने के संकेत हैं। चार जुलाई से हवा का रुख पछुआ से बदलकर पुरवा होने की उम्मीदें दिखाई दे रही हैं। ऐसा हुआ तो वर्षा से तापमान गिरेगा।