अप्रैल माह का बुधवार अब तक का सर्वाधिक गर्म दिन रहा। शहर में पारा 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। आग उगल रहे सूरज के ताप और गर्म थपेड़ों से लोग झुलसते रहे। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 9 डिग्री अधिक था। हालांकि देहातों में थोड़ी राहत रही।
बुधवार को सूरज का ताप लोगों की चमड़ी झुलसाता रहा। हर कोई कार्यालयों व घरों से बाहर निकलने से बचता दिखा। मजबूरियों में निकले युवक-युवतियां सिर और मुंह पर कपड़ा लपेट कर चलते दिखे। बीच-बीच में आसमान में छिटपुट बादल भी छाए मगर गर्मी से राहत नहीं मिली।
नगर क्षेत्र के शाहजहांपुर, बछड़ा सुल्तानपुर, देवकाली, कोरखाना, पहाड़ गंज, रानोपाली, भीखापुर, जनौरा, उसरू और पूरे हुसैन खां में अधिकतम तापमान 44 डिग्री जबकि न्यूनतम 28 डिग्री रहा। दोनों तापमान सामान्य से क्रमश: छह डिग्री और नौ डिग्री अधिक थे।
आग उगल रहे सूरज से लोग झुलसते नजर आए। बाजार में दोपहर होते ही सन्नाटा पसरने लगा। सहालग के मौसम में भीषण गर्मी से कारोबार प्रभावित नजर आया। कारोबारियों का कहना है कि सुबह-शाम ही खरीदारों की भीड़ हो रही है, दोपहर में तेज धूप से दुकान के शटर तक डाउन करने पड़ रहे हैं।
उधर गर्मी बढ़ने से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की बाजारों में खरबूजा, तरबूज, खीरा और ठंडे पेय पदार्थों की मांग बढ़ गई है। बेल शर्बत, आइसक्रीम व बर्फ का गोला बनाकर बेचते ठेलों पर धूप, उमस और प्यास से व्याकुल लोगों की भीड़ लगी रही।
सबसे अधिक गर्मी से परेशान रेलवे, रोडवेज व निजी सवारी गाड़ियों से यात्रा करने वाले लोग थे, साथ ही स्कूल से लौटते मासूमों को भी घर पहुंचने तक रास्ते में रिक्सा व टैंपो-बसों में गर्मी कहर बरसाती रही।