अयोध्या। आने वाले दिनों में मेडिकल कॉलेज का दर्शनगर स्थित ब्लड बैंक अत्याधुनिक ऑटोमेटेड कंपोनेंट सेपरेटर और स्टेराइल कनेक्टिंग डिवाइस से लैस हो जाएगा। इससे यहां आने वाले रक्त से फिलहाल जितने लोगों को लाभ मिलता है उससे चार गुना अधिक लोगों को लाभ मिलने लगेगा। साथ ही संक्रमण और रिएक्शन का खतरा भी खत्म हो जाएगा।
इसके लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे रक्त विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. डीके सिंह ने अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत इन उपकरणों की मांग की है। ऑटोमेटेड ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर आ जाने से रक्त से पीआरबीसी, प्लेटलेट्स, प्लाजमा, क्रायो प्रेसीटिटेट और सफेद रक्त कणिकाएं (डब्ल्यूबीसी) अलग किए जा सकेंगे। ऐसे में मरीजों को जिस कंपोनेंट की जरूरत होगी। उसे आसानी से उसकी आपूर्ति हो जाएगी और रक्त का कई गुना इस्तेमाल हो सकेगा। यही नहीं खून से सफेद रक्त कणिकाएं निकल जाने से रक्त चढ़ाते समय जो रिएक्शन का खतरा होता है वह भी खत्म हो जाएगा।
इसी तरह स्टेराइल कनेक्टिंग डिवाइस के जरिए रक्त के बड़े बैग से छोटे बैग में रक्त को सुरक्षित रूप से ट्रांसफर किया जा सकेगा। क्योंकि बाल रोगियों को कम रक्त की जरूरत पड़ती है, ऐसे में मैनुअली छोटे बैग में ब्लड ट्रांसफर करते समय संक्रमण का खतरा बना रहता है। यह डिवाइस आ जाने पर यह खतरा पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
पीजीआई व केजीएमयू जैसा होगा ब्लड बैंक
इन उपकरणों से ब्लड बैंक में रक्त की गुणवत्ता बढ़ जाएगी और उसका उपयोग भी कई गुना बढ़ जाएगा। इन उपकरणों के आ जाने से हमारा ब्लड बैंक केजीएमयू और एसजीपीजीआई जैसे उच्च श्रेणी के संस्थानों में स्थित ब्लड बैंक के समान हो जाएगा। एनएचएम के अधिकारियों ने सकारात्मक रुख दिखाया है। उम्मीद है कि तीन चार माह में यह डिमांड पूरी हो जाएगी।- डॉ. डीके सिंह, विभागाध्यक्ष, रक्त विभाग, मेडिकल कॉलेज