अयोध्या। देश के विकास व मानवाधिकार के संरक्षण में मीडिया का बहुत बड़ा योगदान है। वर्तमान में मीडिया ने एक नई संस्कृति को विकसित किया है। यह बात अविवि के एमसीजे विभाग के समन्वयक डॉ. विजयेंदु चतुर्वेदी ने कही। वह शनिवार को अवध विश्वविद्यालय के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मीडिया मानवीय संवेदना, मानव अधिकारों के संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। व्याख्यान में विभाग के शिक्षक डॉ. राज नारायण पांडीय ने कहा कि मीडिया वैश्विक स्तर पर मानवाधिकारों का बड़ा पैरोकार रहा है। समाज में मानवाधिकारों के प्रति जनजागरण का कार्य मीडिया ही कर सकता है।
डॉ. अनिल कुमार विश्वा ने कहा कि मानवाधिकार की सुरक्षा मानवीय हितों की सुरक्षा से जुड़ा है। सभ्य समाज में सभी के हितों का संरक्षण हो यही मानवाधिकार का उद्देश्य है। कार्यक्रम में मनीषा ओझा ने कहा कि मानवाधिकार मानव के अधिकारों की सुरक्षा करता है।
शैलेश यादव ने कहा कि मानवाधिकार को जानने से पहले मूल अधिकार के बारे में जानना जरूरी है। प्रगति ठाकुर बोलीं कि मानवाधिकार स्वतंत्रता व न्याय की रक्षा करता है। शिवम पांडेय ने कहा कि मानवाधिकार मानवीय संवेदनाओं को प्रदर्शित करता है।
रोशनी ने कहा कि समाज के सभी वर्ग को मानवाधिकार से परिचित होना चाहिए। गरिमा त्रिपाठी ने कहा कि आम लोगों की सुरक्षा मानवाधिकार करता है। अभिषेक पांडेय ने कहा कि सबको चिकित्सकीय सुविधा मिल सके यह भी मानवाधिकार है। इस अवसर पर सुुभाष सिंह, चंद्रशेखर सोनी सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।