राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि उच्च शिक्षा में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है। अब विश्वविद्यालयों के कुलपति और सरकार के साथ बैठकर नकेल कसी जाएगी। राज्यपाल ने एडिमशन और परीक्षा में नकल के ‘खेल’ पर भी प्रहार किया, कहा कि नकलविहीन परीक्षा कराने वाले कॉलेजों का अभिनंदन होना चाहिए।
विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता और शोध कार्यों को बढ़ावा देने की वकालत करते हुए उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में व्यापक बदलाव की जरूरत है। उन्होंने आम लोगों से भी पत्र के जरिए सीधे समस्या व सुझाव मांगे।
राज्यपाल शुक्रवार को हवाई अड्डे से सीधे सुबह 11 बजे केटी पब्लिक स्कूल पहुंचे, जहां सर्वप्रथम पं. दीनदयाल उपाध्याय कक्ष का लोकार्पण और वृक्षारोपण के बाद भारतीय शिक्षा मंडल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की तीन दिवसीय बैठक का शुभारंभ किया।
राज्यपाल ने कहा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी का आज परिनिर्वाण दिवस है। मैं 28 विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति हूं। शैक्षिक कैलेंडर सही हो, समय पर परीक्षाएं और दीक्षांत समारोह हों, यह महत्वपूर्ण है। कटाक्ष किया कि पूर्वांचल का ऑक्सफोर्ड कहा जाने वाला इलाहाबाद विवि 2005 से आज तक दीक्षांत समारोह नहीं करा पाया, यह चिंता की बात है।
इस पर शिक्षाविद् विचार विनिमय करें, ताकि सभी विवि के शैक्षिक कैलेंडर और दीक्षांत समारोह समयबद्ध हों। महिला सशक्तिकरण कैसे बढ़े, गुणवत्ता प्राप्त करने में लड़कियां आगे हैं। उच्च शिक्षा में व्याप्त भष्टाचार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि यदि किसी महाविद्यालय में वास्तव में नकलविहीन परीक्षा हो रही हो तो उस महाविद्यालय का सार्वजनिक रूप से अभिनंदन करना चाहिए। अंत में उन्होंने ‘चलते रहो- चलते रहो, जो बैठा, उसका भाग्य बैठ गया...’ कहते हुए युवा वर्ग का आह्वान किया।
उद्घाटन सत्र के समापन पर भारतीय शिक्षा मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सच्चिदानंद जोशी ने सभी का आभार जताया। इस दौरान अवध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनोज दीक्षित, भारतीय शिक्षा मंडल के राष्ट्रीय महामंत्री वामन वासुदेव, संगठन मंत्री मुकुल कानिटकर, महिला प्रमुख गीता जी समेत केटी पब्लिक स्कूल के प्रबंधक डॉ. एचबी सिंह मंच पर उपस्थित रहे। इसके अलावा डीएम, एसएसपी समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।