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रामनगरी में महर्षि रामायण विश्वविद्यालय स्थापित करने की तैयारी

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अयोध्या। धर्मनगरी अध्यात्म का केंद्र तो है ही, अब शीघ्र ही वेद के साथ विज्ञान की शिक्षा का प्रमुख केंद्र भी बनने जा रही है। महर्षि महेश योगी संस्थान द्वारा अयोध्या में महर्षि रामायण विश्वविद्यालय की स्थापना करने की तैयारी है।
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संस्थान ने इसके लिए अपनी 40 एकड़ जमीन पर प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार को अनुमति के लिए भेजा है। सरकार से अनुमोदन मिलते ही विश्वविद्यालय की स्थापना का कार्य शुरू होगा। विश्वविद्यालय में रामायण पर शोध होगा साथ ही वेद की शिक्षा के साथ-साथ विज्ञान की भी कक्षाएं चलेंगी।
महर्षि वेद विज्ञान विद्यापीठ में पहुंचे महर्षि महेश योगी संस्थान के अध्यक्ष अजय प्रकाश श्रीवास्तव ने रानमगरी में शुक्रवार को महर्षि रामायण विश्वविद्यालय की स्थापना की कार्ययोजना साझा की।
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बताया कि इसके लिए कारसेवकपुरम में स्थित संस्थान की 40 एकड़ भूमि पर प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा है। शासन से जैसे ही अनुमति मिलेगी, विश्वविद्यालय की स्थापना का काम शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अयोध्या अध्यात्म का प्रमुख केंद्र तो है ही, महर्षि महेश योगी संस्थान इसे वेद व विज्ञान का भी प्रमुख केंद्र बनाना चाहता है। इसके लिए रामायण विश्वविद्यालय मील का पत्थर साबित होगा।
कहा कि इस विश्वविद्यालय में रामायण पर व्यापक शोध कार्य किया जाएगा। जीवन से संबंधित रामायण के विषयों पर शोध कर उन्हें जन-जन तक पहुंचाने का कार्य होगा। साथ ही नई पीढ़ी को भी राम संस्कृति व वेद विद्या का ज्ञान प्रदान किया जाएगा।
वेद-विज्ञान के सिद्धांत जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी हैं, बस उनका सम्यक उपयोग होना जरूरी है। इस विश्वविद्यालय के माध्यम से वेद-विज्ञान की शिक्षा को बढ़ावा देते हुए वेद के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य होगा। कहा कि हमारा मानना है कि वेद में जो ज्ञान हैं वहां तक विज्ञान भी नहीं पहुंच पाया है।
प्राचीन वैदिक शिक्षा पद्धति के साथ मॉडर्न साइंस को जोड़ने का हमारा प्रयास होगा। अजय श्रीवास्तव ने कहा कि महर्षि महेश योगी का मानना था कि शिक्षा समाज की सभी बुराइयों को दूर करती है। शिक्षा बढ़ावों, ज्ञान फैलाओ और भावातीत ध्यान को योगी ने प्रचारित प्रसारित किया।
192 देशों में महर्षि योगी ने किया संस्कृति व वेद का विस्तार
महर्षि महेश योगी ने भारतीय संस्कृति और वेदों को विश्व के 192 देशों में विस्तार दिया। आज भी इन देशों में वेद व संस्कृति को प्रचारित करने का काम संस्थान द्वारा किया जा रहा है। बताया कि भारत में महर्षि संस्थान करीब 175 विद्यापीठ भी संचालित कर रहा है। भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग जहां-जहां स्थापित हैं वहां भी वेद की शिक्षा व धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाता है। बताया कि केदारनाथ को छोड़कर अन्य 11 स्थानों पर जहां भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग हैं वहां वेद विज्ञान की शिक्षा का केंद्र स्थापित किया गया है।
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