बीकापुर। शासन द्वारा दूसरे प्रांतों में रह रहे प्रवासियों को उनके घर पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था की जा रही है। फिर भी लोगों का हजारों किलोमीटर दूर से पैदल, बाइक और अन्य साधनों से चलकर अपने घर पहुंचने का सिलसिला जारी है।
ब्लॉक क्षेत्र के मैना पड़ाईन का पुरवा पातूपुर निवासी आधा दर्जन से अधिक लोग अपने परिवार के साथ एक सप्ताह की यात्रा करके चार बाइक पर सवार होकर अहमदाबाद से शनिवार शाम अपने घर पहुंचे। जिसमें कई महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे।
बाइक पर अहमदाबाद से अपने घर पहुंचे हरिशंकर विश्वकर्मा, सावित्री देवी, राम आशीष, अनीता, संदीप विश्वकर्मा, रुचि विश्वकर्मा के साथ छोटे बच्चे मयंक, माही, प्रिंस और कोमल भी शामिल थे। सभी लोग दो बाइक और दो स्कूटी पर सवार होकर सात दिन की यात्रा करके आठवें दिन बीकापुर पहुंचे थे। हरिशंकर विश्कर्मा, प्रदीप विश्वकर्मा, राम आशीष ने बताया कि वह लोग अहमदाबाद में फर्नीचर का कार्य करते हैं।
लॉकडाउन होने के कारण काम धंधा बंद हो गया। कुछ दिन तक घर जाने के लिए लॉकडाउन खुलने का और ट्रेन चलने का इंतजार करते रहे। लेकिन लॉकडाउन बढ़ जाने के बाद परिवार के साथ बाइक से घर जाने का फैसला किया। दो मई को सुबह अहमदाबाद से निकले हैं और शनिवार को शाम बीकापुर पहुंचे हैं।
सीतापुर जिले में संचालित आश्रय स्थल में पहुंचकर सभी लोगों ने अपना नाम पता दर्ज कराया। उसके बाद सीएचसी में पहुंचकर स्वास्थ्य जांच कराया। चिकित्सक ने हाथ में मोहर लगाकर सभी लोगों को अपने घर में 21 दिन के लिए होम क्वारंटीन के लिए कहा गया और सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया।