डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय देश की प्रमुख यूनिवर्सिटी की भांति अपने प्रोफेसरों के लेक्चर को यू-ट्यूब पर अपलोड करने की तैयारी में है। इसके लिए विश्वविद्यालय अपना यू-ट्यूब चैनल बना रहा है। इसका लिंक जल्द ही वेबसाइट पर डाल दिया जाएगा। इसके बाद विश्वविद्यालय के सभी विभागों के प्रोफेसरों व रीडरों की ओर से होने वाले लेक्चर की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। यह लेक्चर यू-ट्यूब पर डाले जाएंगे।
मकसद है कि इसका सीधा लाभ छात्र-छात्रओं को मिल सके। मौजूदा सत्र में तो नहीं लेकिन आगामी सत्र से छात्र-छात्राएं पहले से संबंधित लेक्चर की तैयारी यू-ट्यूब के लेक्चर से करके आ सकते हैं। साथ ही अपनी समस्या व संबंधित टॉपिक से संभावित प्रश्न रीडर व प्रोफेसर से पूछ सकते हैं।
देश में डिजिटलाइजेशन का असर शिक्षा जगत पर भी हुआ है। आईआईएम व आईआईटी जैसे संस्थानों के अलावा कुछ केंद्रीय विश्वविद्यालयों ने भी डिजिटलाइजेशन के ट्रेंड को तेजी से अपनाया है। इसमें लेक्चर को सोशल साइट से लाइव किए जाने व यू-ट्यूब पर अपलोड किए जा रहे हैं। इस क्रम अवध विश्वविद्यालय ने भी अपना हाथ आगे बढ़ाया है।
विश्वविद्यालय ने इलेक्ट्रॉनिक व फिजिक्स विभाग को यू-ट्यूब चैनल बनाने का जिम्मा सौंपा है। मौजूदा समय चैनल बनाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। जल्द ही इसका लिंक विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर डाला जाएगा। इसके बाद सभी विभागों में चलने वाली कक्षाओं में होने वाले लेक्चर की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। यह यू-ट्यूब पर डाले जाएंगे।
इससे किन्हीं परिस्थितियों के कारण कक्षा में न पहुंचने वाले छात्र भी क्लास की पूरी जानकारी ले सकेंगे। इसके अलावा आगामी सत्रों से यही लेक्चर काफी प्रभावी भूमिका में होंगे। छात्र-छात्राओं को क्लास से पहले ही विभिन्न टॉपिक से संबंधित लेक्चर के बारे में देकर आने की सलाह दी जाएगी। इससे छात्र-छात्राओं को भी अपने टॉपिक में आने वाली समस्या से संबंधित प्रश्न उठा का हल पूछ सकते हैं।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय में होने वाली अन्य सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रम सहित विभिन्न विश्वविद्यालय की गतिविधियां भी चैनल पर दिखाई देंगी। कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने कहा कि अवध विश्वविद्यालय अपना यू-ट्यूब चैनल बना रहा है। जल्द ही इसे लांच कर दिया जाएगा। इसमें विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों व रीडरों के लेक्चर की वीडियो क्लिप लोड की जाएगी। इसका लाभ सीधे तौर पर छात्र-छात्राओं को मिलेगा।
गणित विभाग के एचओडी डॉ. सीके मिश्रा बताते हैं कि यू-ट्यूब के चैनल की संपूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने से विश्वविद्यालय की गरिमा को चार चांद लगेगा। इसका लाभ कक्षा न ले पाने वाले छात्र-छात्राओं के अलावा बाहरी छात्र भी लाभान्वित हो सकते हैं।
बायो-टेक्नोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. फारूख जमाल बताते है कि देश में जिस प्रकार से डिजिटलाइजेशन का दौर चला है।
उसका असर पूरी शिक्षा जगत पर पड़ा है। कुलपति के निर्देशन में अवध विवि भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यू-ट्यूब चैनल की सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद छात्र-छात्राओं को भरपूर लाभ मिलेगा। पर्यावरण विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विनोद चौधरी बताते हैं कि अभी तक देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में यह सुविधाएं छात्र-छात्राओं को दी जाती रही हैं।
अगर अब ऐसी सुविधा अपने विश्वविद्यालय में शुरू हो जाएगी तो इसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा। साथ ही विवि देश के प्रतिष्ठित संस्थानों की श्रेणी में खड़ा होगा। वहीं डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय ने लोहिया के मूल नाम में वर्षों से हो रही गलती को सुधारने के लिए मंगलवार को संशोधन पत्र जारी कर दिया है। अब विश्वविद्यालय के समस्त पत्रों में राममनोहर शब्द एक साथ लिखा जाएगा।
अभी तक राम और मनोहर शब्द अलग-अलग लिखा जाता रहा है। इसके लिए कोर्ट सदस्य ओम प्रकाश सिंह ने देश के प्रधानमंत्री सहित राज्यापाल व अवध विवि के कुलपति को पत्र लिखकर गलती सुधारने की मांग की थी। इस पर अवध विवि के कुलपति ने मंगलवार को विवि के समस्त विभागों व प्रशासनिक अफसरों को पत्र जारी करके राममनोहर शब्द एक में लिखने का आदेश जारी कर दिया है। बता दें कि यह गलती काफी समय से हो रही थी मगर किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया था।