-लारेंस के भांजे सचिन की गिरफ्तारी के बाद हुआ खुलासा, पाकिस्तान से तस्करी कर अयोध्या पहुंचाए गए थे हथियार
-सूत्रों के अनुसार सचिन को लेकर जल्द अयोध्या आ सकती है दिल्ली पुलिस व अन्य जांच एजेंसियां
संवाद न्यूज एजेंसी
अयोध्या। लारेंस विश्नोई गिरोह ने पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के हत्या की पूरी योजना अयोध्या में बनाई थी। इसका खुलासा अजरबैजान से गिरफ्तार कर दिल्ली लाए गए लारेंस के भांजे सचिन थापन बिश्नोई ने किया है। इसके अलावा भी उसने कुछ नए खुलासे किए हैं। सूत्रों के अनुसार मूसेवाला की हत्या से पहले कई दिनों तक लारेंस गिरोह के अन्य शूटरों के साथ अयोध्या समेत लखनऊ के अलग-अलग इलाकों में मौजूद रहा था। यहां उन्होंने एक बाहुबली नेता के फार्म हाउस पर हथियार चलाने का अभ्यास भी किया था। इसके लिए पाकिस्तान से स्मगलिंग कर हथियार अयोध्या पहुंचाए गए थे। सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस व अन्य जांच एजेंसियां जल्द ही सचिन को लेकर अयोध्या आकर जांच कर सकती है।
ध्यान रहे कि इसी मामले में एनआईए की टीम ने अयोध्या के महाराजगंज थाना क्षेत्र के देवगढ़ गांव निवासी बाहुबली विकास सिंह को गिरफ्तार किया है। उन पर लारेंस गिरोह के शूटरों का संरक्षण देने का आरोप है। एनआईए ने अपनी जांच में विकास को लाॅरेंस बिश्नोई गिरोह का सदस्य माना था। जांच में पता चला था कि विकास को लॉरेंस बिश्नोई के एक अन्य सहयोगी और मित्र विक्की मधुखेरा ने लॉरेंस बिश्नोई से मिलवाया था। विकास ने पहले से अपने परिचित दिव्यांशु को लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जोड़ा था। दोनों नांदेड़ में व्यवसायी संजय बियाणी और पंजाब में राणा कंधोवालिया सहित कई की हत्याओं में शामिल थे। विकास सिंह ने राणा कंडोवालिया की हत्या के मामले के बाद रिंकू नाम के एक अन्य आरोपी को भी आश्रय दिया था। वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में एक भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे विकास के साथ इस गिरोह के कई शूटर भी मौजूद थे। यह सभी एक बाहुबली नेता की हत्या के फिराक में थे। इसके लिए पाकिस्तान के रास्ते स्नाइपर राइफल भी अयोध्या लाई गई थी। जिसे एनआईए की टीम ने थाना पूराकलंदर क्षेत्र के एक गांव से एक किशोर के घर से बरामद भी किया था। उक्त किशोर भी लारेंस गिरोह का बदमाश है, उस पर मूसेवाला हत्याकांड के साथ कई बड़ी वारदातों में शामिल रहने का आरोप है।
फिलहाल सचिन की गिरफ्तारी के बाद कई और राज खुलने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियां इस बात का भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि सभी आरोपी कहां कहा रूके थे व कहां हथियार चलाने का अभ्यास किया था। इस संदर्भ में स्थानीय पुलिस ने किसी भी जानकारी से इनकार किया है।