स्थानीय लोगों के साथ फोटो खिंचवाता कोरियाई दल।
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कोरिया-अयोध्या संबंधों की दशकों पूर्व बंधी डोर की मजबूती के लिए आए कोरियाई दल ने बुधवार को सरयू तट स्थित स्मारक पर महारानी ‘हौ’ को श्रद्धासुमन अर्पित किया। दल के सदस्यों ने पारंपरिक नृत्य व संगीत के कार्यक्रम प्रस्तुत कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान आपसी रिश्तों की ऐतिहासिकता गिनाई गई।
दक्षिण कोरिया की महारानी ‘हौ’ के वंशजों के संगठन करक क्लेन सोसाइटी के 65 सदस्यीय दल मंगलवार की रात ही फैजाबाद में पहुंच गया था। सुबह जिला प्रशासन स्तर पर तय समय से पूर्व कोरियाई दल सरयू तट स्थित स्मारक पर पहुंच गया।
दल का नेतृत्व कर रहे करक क्लेन सोसाइटी के चेयरमैन किम कीजे ने कहा कि यह क्षण हमारी रानी की याद दिलाने के साथ अयोध्या व दक्षिण कोरिया के ऐतिहासिक संबंधों को जिंदा करने वाला है। अयोध्या नरेश विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के अनुज डॉ. शैलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने कहा कि यह संबंध भारतीय संस्कृति की व्यापकता का साक्षी है।
ऐसे संबंधों को जीवित रखकर हम प्राचीन संस्कृति से न्याय कर सकते हैं। इस अवसर पर परमा अकेदमी के बच्चों ने होली गीत व सांस्कृतिक कलाकारों ने फरवाही नृत्य के कार्यक्रम पेश कर कोरियाई दल का गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इस मौके पर एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय, रेजीडेंट मजिस्ट्रेट अशोक कुमार, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी बीपी सिंह, अयोध्या शोध संस्थान के निदेशक डॉ. वाईपी सिंह, शोध संस्थान प्रबंधक रामतीरथ, डॉ. सुधीर राय आदि मौजूद रहे।
मंगलवार को ही फैजाबाद पहुंचे कोरियाई दल ने रात में अयोध्या राजा विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के आवास राजसदन के भोज में शरीक हुआ, जहां पर कोरियाई दल के सदस्यों ने पारंपरिक सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुतियां की। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद कोरियाई दल के सदस्य लखनऊ रवाना हो गए।