कार्तिक पूर्णिमा मेले का प्रमुख पर्व पूर्णिमा स्नान बुधवार को है। मुख्य स्नान को लेकर नगरी के मठ-मंदिरों व धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है।
मुख्य पर्व की पूर्व संध्या पर सरयू के स्नान घाट से प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए दर्शनार्थियों की कतारें लगी रहीं। कार्तिक पूर्णिमा मेला चौदहकोसी परिक्रमा मेले के साथ चल रहा है।
मेले के प्रमुख दो पर्व चौदहकोसी व पंचकोसी परिक्रमा सकुशल संपन्न हो गई है। मेले का अंतिम पर्व पूर्णिमा स्नान बुधवार को है। मुख्य स्नान पर्व को लेकर नगरी के मठ-मंदिरों में विभिन्न धार्मिक आयोजनों की तैयारियां चरम पर हैं।
विभिन्न स्थलों पर चल रही श्रीरामचरित मानस व श्रीमद्भागवत् की कथाओं में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मुख्य स्नान पर्व पर लाखों की भीड़ सरयू के घाटों पर जुटेगी।
पूर्णिमा स्नान को लेकर नगरी के मठ-मंदिरों व धर्मशालाओं में श्रद्धालुओं ने मंगलवार की सुबह से ही डेरा डालना शुरू कर दिया।
सुबह से स्नान घाट पर पतित पावनी सरयू में स्नान-दान के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ प्रसिद्ध विवादित परिसर स्थित विराजमान रामलला, श्री हनुमानगढ़ी, कनक भवन, श्री नागेश्वरनाथ मंदिर, श्रीकालेराम समेत अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए लगी रही।
शाम से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मेला क्षेत्र के मुख्य मार्गों के साथ ही मठ-मंदिरों तक दिखने लगी। मेले में उमड़ी भीड़ के मद्देनजर दूसरी बेला से ही यातायात को प्रतिबंधित कर दिया गया।
श्रीराम अस्पताल से नयाघाट बंधा तिराहे के बीच चार पहिया व बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।