महबूबगंज। कांवड़ यात्रा की पुख्ता सुरक्षा के लिए सरकार की मंशा उस समय धरी की धरी रह गई जब शनिवार सुबह थाना क्षेत्र गोसाईगंज के प्रसिद्ध मुनि वशिष्ठ आश्रम रामघाट दिलासीगंज में नहाते समय एक कांवड़िया नदी में डूब गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नदी में उसकी तलाश शुरू की, सफलता न मिलने पर अयोध्या से एनडीआरएफ की टीम बुलाई गई।
शुक्रवार रात अंबेडकरनगर के बसखारी थाना क्षेत्र के बेलवरिया निवासी आयुष (16) अपने छह साथियों के साथ अयोध्या से जल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकला था। पूरी रात चलने के बाद शनिवार सुबह लगभग छह बजे साथी अंबुज, विक्की, अवधेश व अंकित आदि के साथ दिलासीगंज के प्रसिद्ध वशिष्ठ मुनि आश्रम रामघाट पहुंचा। वहां कुछ देर विश्राम के बाद सभी सरयू में स्नान करने चले गए।
सरयू की तेज धारा ने आयुष को अपनी चपेट में ले लिया। उसको डूबता देख बाकी साथियों ने गुहार लगाई। जब तक स्थानीय लोग कुछ समझ पाते, वह नदी में डूब चुका था। सूचना पर पहुंचे महबूबगंज चौकी प्रभारी मुनिमन रंजन ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश शुरू की। सफलता न मिलने पर एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर, एसडीएम सदर रामकुमार मिश्रा, सीओ सदर शैलेंद्र प्रताप गौतम एनडीआरएफ की टीम के साथ पहुंचे और रेसक्यू प्रारंभ किया।
देर शाम तक आयुष का पता नहीं चल सका था। एसपी ग्रामीण ने बताया कि नदी में पानी व बहाव ज्यादा है, इसलिए रेसक्यू में समस्या आ रही है। एनडीआरएफ की टीम रेसक्यू में जुटी है।
आयुष के दोस्त विक्की, अवधेश व अंकित का आरोप है कि घाट पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं था। किसी प्रकार की बैरिकेडिंग नहीं की गई थी जिससे पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग सका। बताया कि नदी में चार कदम रखते ही आयुष पानी में डूब गया। यदि घाट पर सुरक्षा का कोई इंतजाम किया गया होता तो ऐसी दुर्घटना नहीं होती।