रामलला के दरबार में पहली बार जन्माष्टमी मनाई गई। वहीं शनिवार को राममंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई। समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र सुबह नौ बजे राममंदिर परिसर पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने निर्माण कार्य स्थल का निरीक्षण किया। इंजीनियरों ने उन्हें भौतिक प्रगति से अवगत कराया। बताया कि मंदिर की प्लिंथ का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा गर्भगृह व रिटेनिंग वॉल निर्माण की प्रगति से भी उन्हें अवगत कराया गया।
निरीक्षण के बाद एलएंडटी कार्यालय में ट्रस्ट के पदाधिकारियों व इंजीनियरों के साथ बैठक का दौर शुरू हुआ। करीब तीन घंटे तक चली बैठक में मंदिर निर्माण कार्य की समीक्षा, प्रगति से लेकर आगे की कार्ययोजना पर मंथन किया गया। नृपेंद्र मिश्र ने मंदिर निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। ट्रस्ट ने दिसंबर 2023 तक गर्भगृह का निर्माण कार्य पूरा कर जनवरी 2024 से गर्भगृह में रामलला का दर्शन शुरू कराने का लक्ष्य रखा है। उस लक्ष्य के सापेक्ष कार्य की गति बढ़ाने पर चर्चा हुई।
इंजीनियरों ने नृपेंद्र मिश्र के समक्ष प्रजेंटेशन के जरिए अब तक हुए कार्यों की प्रगति का ब्योरा प्रस्तुत किया। बैठक के बाद ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि पहले दिन केवल प्रगति पर चर्चा व समीक्षा की गई है। इंजीनियरों ने समिति अध्यक्ष को बताया है कि मंदिर की प्लिंथ का 95 फीसदी काम पूरा हो चुका है। 17 हजार ग्रेनाइट पत्थरों के सापेक्ष अब तक 16500 पत्थर बिछाए जा चुके हैं। प्लिंथ की पांचवें लेयर का काम अंतिम दौर में है। गर्भगृह में भी अब तक चार सौ पत्थरों के बिछाया जा चुका है। इसके अलावा रिटेनिंग वॉल की पहली लेयर छह मीटर की बनकर तैयार हो चुकी है।
बताया कि पश्चिम दिशा में रिटेनिंग वॉल बन गई है। यह कहा जा सकता है कि पचास फीसदी काम सुरक्षा दीवार का पूरा हो चुका है। वहीं गर्भगृह के परिक्रमा पथ का भी काम पूरा हो चुका है। चूंकि शीघ्र ही मंदिर के स्तंभों का काम शुरू होने जा रहा है, इसलिए वंशीपहाड़पुर के पत्थरों की उपलब्धता व आपूर्ति को लेकर चर्चा हुई। बताया कि वंशीपहाड़पुर के पत्थरों की आपूर्ति तेजी से हो रही है। गर्भगृह के लिए आवश्यक पत्थर आ चुके हैं।
बताया कि बैठक के दूसरे दिन विकास योजनाओं व भक्तों के लिए सुविधाएं विकसित करने की योजनाओं को गति देने पर चर्चा होगी। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, मंदिर निर्माण प्रभारी गोपालजी, मंदिर के आर्किटेक्ट आशीष सोमपुरा सहित कार्यदाई संस्था टाटा, एलएंडटी व ट्रस्ट के इंजीनियर मौजूद रहे।
तेज होगा पत्थरों की तराशी व नक्काशी का काम
राममंदिर निर्माण के क्रम में जल्द ही गर्भगृह में स्तंभों को जोड़ने का भी काम शुरू होने जा रहा है। ऐसे में पत्थरों की तराशी व नक्काशी के काम को गति देने पर चर्चा हुई है। अयोध्या सहित राजस्थान की चार कार्यशालाओं में राममंदिर के पत्थरों की तराशी व नक्काशी का काम चल रहा है। अयोध्या के कारसेवकपुरम में चल रहे नक्काशी के काम में तेजी लाने का निर्णय हुआ है। यहां मजदूरों व कारीगरों की संख्या बढ़ाने पर चर्चा हुई। एक सप्ताह के अंदर 50 और मजदूर व कारीगर यहां पहुंच रहे हैं। अब तक करीब डेढ़ सौ मजदूर व कारीगर नक्काशी के काम में जुटे हैं।