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Ayodhya News: जनम लियो रघुरइया, अवध मा बाजे बधइया...

Fri, 31 Mar 2023 12:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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रामनवमी पर बृहस्पतिवार की भोर सुबह लगभग 4 बजे पतित पावनी सरयू में स्नान करते श्रद्घालुगण।-
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अयोध्या। रामनगरी में बृहस्पतिवार को श्रीरामजन्मोत्सव आस्था का शिखर निरूपित करने वाला रहा। पूरी अयोध्या राममय नजर आ रही थी। जिधर देखो उधर श्रद्धालुओं का हुजूम था। जन्मोत्सव का मुख्य उत्सव श्रीराम लला व कनक भवन के दरबार में हुआ। इसके अतिरिक्त रामनगरी के करीब आठ हजार मंदिरों में एक साथ जन्मोत्सव की आरती हुई। इस बार भक्तों के उत्साह ने भीड़ का रिकॉर्ड भी बना दिया। प्रशासन का दावा है कि करीब 25 लाख भक्तों ने अयोध्या पहुंचकर श्रीरामजन्मोत्सव में शिरकत की।
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जन्मोत्सव का मुख्य आकर्षण कनक भवन सहित नगरी के छोटे-बड़े हजारों मंदिरों के गर्भगृह में घंटों पूर्व से निष्पादित रामजन्म का कर्मकांड ठीक 12 बजे तब अभिव्यक्त हुआ। मंदिरों के कपाट खुले और भए कृपाला, दीनदयाला कौशल्या हितकारी...के साथ आरती शुरू हुई। श्रीरामजन्मोत्सव की प्रतिनिधि बधाई गीत जनम लियो रघुरइया अवध मा बाजे बधइया...भी गूंजने लगा।
सर्वाधिक गहमागहमी वैष्णवों की प्रधानतम पीठ कनक भवन में रही। यहां सुबह 11 बजे से ही भक्तों ने डेरा जमा दिया था। नाचते-गाते, झूमते-थिरकते, भक्तों की आस्था देखते ही बन रही थी। ठीक 12 बजे जैसे ही जन्मोत्सव की आरती शुरू हुई, मंजीरे, ढोल की थाप पर भक्त भावविभोर होकर नृत्य करने लगे।
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हरे रामा, रामा, रामा, हरे रामा...जैसे भेजनों पर भक्त सुध-बुध खोकर भक्ति में लीन हो गए। प्रभु की एक झलक पाने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर के प्रांगण में तिल रखने की भी जगह नहीं थी। जो जहां था, वहीं रुक कर भगवान श्रीराम जन्म के उल्लास में मगन दिखा। गर्भगृह का पट खुलते ही सजीले-गर्वीले कनक बिहार सरकार की मनमोहक छवि का दर्शन कर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।


घंटे-घड़ियाल गूंजे, पटाखे फूटे, अबीर-गुलाल उड़ा
श्रीरामजन्मोत्सव पर अयोध्या का वैभव देखते ही बना। प्रमुख मंदिरों में जन्मोत्सव का उल्लास छाया रहा। हजारों मंदिरों में घंटे-घड़ियाल गूंजे, पटाखे फूटे, अबीर-गुलाल उड़ा। मणिरामदास की छावनी, श्रीरामबल्लभाकुंज, बावन मंदिर, सियाराम किला, रंगमहल, जानकीघाट, हरिधामगोपाल पीठ, सहित अन्य मंदिरों में जन्मोत्सव पूरे शान से मनाया गया। फैजाबाद शहर स्थित नाका हनुमानगढ़ी में जन्म की आरती ठीक 12 बजे हुई। हनुमंतलला को केला व लड्डुओं का भोग लगाकर प्रसाद वितरण किया गया।


घाटों पर प्रवाहित होती रही आस्था की धारा श्रीरामजन्मोत्सव पर उमड़े श्रद्धालुओं में पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाने की होड़ दिखी। ब्रह्ममुहूर्त में सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं का रेला घाटों पर उमड़ पड़ा। सरयू के घाटों पर आस्था की धारा प्रवाहित होती दिखी। घाट पर कहीं भी तिल रखने की जगह नहीं थी। सरयू घाटों पर स्नान करने वाले लोगों को राम की पैड़ी की ओर से निकाला जाता रहा। श्रद्धालुओं ने सरयू में डुबकी लगाने के बाद सिद्धपीठ नागेश्वरनाथ में जलाभिषेक व पूजन भी किया।
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