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मेडिकल कॉलेज तक पहुंचना सकुशल पहुंचना बहुत मुश्किल, मरीज व तीमारदार होते परेशान

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मेडिकल कॉलेज जाने के लिए जर्जर मार्ग। -संवाद - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। इन दिनों पूराबाजार, मया बाजार, गोसाईगंज व तारुन ब्लॉक के मरीजों के लिए दर्शननगर स्थित राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज पहुंचने की डगर बहुत कठिन है। कॉलेज तक पहुंचना पत्थर पर लकीर खींचने जैसा है।
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इमरजेंसी होने पर जान का खतरा भी बन सकता है। क्योंकि, रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज का निर्माण होने से मार्ग अवरुद्ध है और आसपास के वैकल्पिक रास्तों की हालत भी खस्ता है।
कई दिनों से क्षेत्र के मरीज, तीमारदार, विद्यार्थी आदि इस विकराल समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों ने समस्या के निदान की पहल नहीं की है। इन दिनों यहां मरीजों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है। प्रतिदिन ओपीडी दो हजार के पार ही रहती है।
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इन दिनों मेडिकल कॉलेज के निकट ही रेलवे क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है। कार्यदायी संस्था ने सर्विस लेन का निर्माण नहीं कराया और अभी तक किसी तरह उसी के बीच से आवागमन होता रहा।
इधर, निर्माण कार्य मेडिकल कॉलेज के गेट तक आ गया है। जिसकी वजह से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। शहर की तरफ से देवकाली होकर आने वाले लोगों के लिए तो फिर भी गनीमत है, लेकिन पूरा ब्लॉक, मया बाजार, गोसाईगंज, तारुन ब्लॉक व अंबेडकरनगर जनपद के मरीजों के लिए यहां पहुंचना आसान नहीं है।
सीधा रास्ता न होने के कारण या तो मरीजों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है या बदहाल हो चुके वैकल्पिक रास्तों से होकर तमाम समस्याओं को झेलते हुए पहुंचना पड़ता है। ऐसे में समय पर उपचार न होने से मरीजों को भी दिक्कतें हो रही हैं।
अचारी का सगरा से कुशमाहा, सीएमओ दफ्तर होते हुए मेडिकल कॉलेज जाने का रास्ता है। पूरा ब्लॉक के अचारी का पुरवा, सरेठी, गंगाराम का पुरवा, ददेरा, समाहा कला, पठखौली, बहोरनपुर, अलावलपुर, करमा कोडऱी, बैसिंह, पाठक का पुरवा समेत 24 से अधिक गांव के लोग इधर से मेडिकल कॉलेज जा सकते हैं।
लेकिन करीब 200 मीटर की दूरी में इस रास्ते में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। आते-जाते जरा सी चूक होने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। यदि लोग परिक्रमा मार्ग से फत्तेपुर, कुशमाहा होते हुए सीएमओ ऑफिस के पास से मेडिकल कॉलेज जाना चाहें तो यह भी इतना आसान नहीं है।
इस रास्ते की लंबाई भी करीब डेढ़ किलोमीटर ही है, लेकिन जगह-जगह सड़क टूटी-फूटी है और सड़क में गड्ढे हैं। कुशमाहा अष्टभुजी माता मंदिर से आगे बढ़ने पर सड़क के गड्ढों में पानी भर गया है।
इससे वाहन स्वामियों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पता और इसमें गिरकर तमाम मरीज, तीमारदार व राहगीर घायल हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार तक किसी तरह यदि कोई यहां तक पहुंच भी जाएं तो कीचड़ और जलभराव से सकुशल अस्पताल पहुंचना मुश्किल है।
सबसे ज्यादा दिक्कत दो पहिया वाहन चालकों को होती है। आलम यह है कि कीचड़ में फिसलकर लोग गिर रहे हैं, लेकिन इसका निदान भी नहीं कराया जा रहा है।
निर्माण कार्य के दौरान बैरिकेडिंग करके कार्यदायी संस्था ने बुधवार को पतला सा रास्ता बना दिया। जिससे होकर किसी तरह दोपहिया वाहन सवार और पैदल लोग गुजरे।
चार पहिया वाहनों को परिक्रमा चौराहा से चार नंबर बूथ, देवकाली बाईपास से लौटकर करीब आठ किलोमीटर की दूरी करके पहुंचना पड़ा। मेडिकल कॉलेज के निकट ही सीबीएसई बोर्ड के दो बड़े व प्रतिष्ठित विद्यालय संचालित हैं।
जहां सैकड़ों की संख्या में दूरदराज से बच्चे आते हैं। सर्विस लेन न होने से उन्हें भी या तो बदहाल पड़े इन्हीं वैकल्पिक रास्तों से आना पड़ता है या करीब आठ किलोमीटर की लंबी दूरी तय करके आना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के लिए कोई सही रास्ता न होने से मरीजों को दिक्कतें हो रही हैं। कुछ दिन पहले तो मेडिकल कॉलेज परिसर से ही राहगीर भी गुजरने लगे थे। जिससे दिक्कतें आईं और एक गेट बंद करना पड़ा। सर्विस लेन न होने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। -डॉ. सत्यजीत वर्मा, प्राचार्य, राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज

मेडिकल कॉलेज जाने वाले रास्ते का हाल। -संवाद- फोटो : FAIZABAD

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