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राममंदिर से पहले रामानुजाचार्य की प्रतिमा का अनावरण गर्व की बात

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अयोध्या में अम्माजी मंदिर में जगद्गुरु रामानुजाचार्य की मूर्ति का अनावरण करते मुख्यमंत्री योग? - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को अयोध्या पहुंचे और अम्मा जी मंदिर में स्थापित की गई जगद्गुरु रामानुजाचार्य की प्रतिमा का अनावरण किया।
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उन्होंने कहा कि स्वामी रामानुजाचार्य को शेषावतार कहा जाता है। ऐसे में भगवान राम के मंदिर के पहले उनके अनुज की प्रतिमा का अनावरण हो रहा है, यह गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि कल हम सबने उज्जैन में महाकाल के भव्य रूप के दर्शन किए। इससे पहले काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण देखा। उससे पहले बाबा केदारनाथ के पुर्नरुद्धार देखा।
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उससे पहले अयोध्या में भव्य राममंदिर के शिलान्यास को देखा। अब भव्य राममंदिर का निर्माण हो रहा है। यही नया भारत है...। हमको इस पर गर्व की अनुभूति होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के इस धराधाम पर 120 वर्षों बाद रामानचार्य जी की प्रतिमा का अनावरण हुआ। आप सबको बधाई व आभार।
कहा कि भारत को हर कालखंड में पूज्य संतों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है। भारत संतों की शिक्षा पर गर्व करता है। संत-महापुरुषों ने हमेशा लोककल्याण का मार्ग दिखाया, नई दृष्टि दी।
सीएम योगी ने कहा कि हम जानते हैं कि भारत दुनिया के अंदर ज्ञान की भूमि है। यहां वेदों की परंपरा का साक्षात दर्शन होता है। वेदों की परंपरा और मंत्र ऋषियों ने उद्घाटित किये। यही भारत की परंपरा है।
ऋषियों ने हमेशा यही कहा महाजनों येन गतऱ् सपंथा... यही भारत की विराटता है। इसीलिए कहा गया एकम सत्य विप्रा बहुदा वदन्ति...। भारत अपने संतों की उन शिक्षाओं पर गर्व करता है।
सीएम योगी ने कहा कि वर्षों पहले स्वामी रामानुजाचार्य जी ने आक्त्रसंताओं से बचने के लिए द्वैत मार्ग दिखाया। इस मठ द्वारा अनेक गरीब कल्याणकारी कार्य किये जा रहे हैं, ये सारे कार्य धर्म के ही कार्य हैं।
हमारे मठ मंदिर प्राचीन काल से ही समाज की सेवा करते रहे हैं। इसी लिए कहा गया जात पात पूछै नही कोई, हरि का भजे सो हरि का होइ ..। इसी मार्ग पर चलकर हमको सनातन धर्म के मूल्यों को मजबूत करना है।
लोककल्याण के लिए सनातन धर्म ही नही जब सभी भक्त इस परंपरा से जुड़ेंगे तो हम एक भारत श्रेष्ठ भारत बनाने में सफल होंगे। इससे पूर्व अनावरण समारोह की अध्यक्षता कर रहे जीयर स्वामी यदुगिरि जी महाराज ने कहा कि अयोध्या में जगद्गुरु रामानुजाचार्य की मूर्ति श्रीराम की प्रेरणा से ही निर्मित हुई है।
सीएम योगी के नेतृत्व में अयोध्या दिव्य व भव्य रूप ले रही है। राममंदिर निर्माण करोड़ों भक्तों का सपना था जो पूरा हो रहा है। इस अवसर पर अम्मा जी मंदिर के ट्रस्टी डॉ. एमए वेंकटकृष्णन, मैनेजर लक्ष्मी रंगराजन, स्वामी लक्ष्मी प्रपन्न, जगद्गुरु डॉ.राघवाचार्य, जगद्गुरु श्रीधराचार्य, महंत अवधेश दास, महंत जन्मेजय शरण, सांसद लल्लू सिंह, नगर विधायक वेदप्रकाश गुप्ता सहित दक्षिण भारत से आए सैकड़ों भक्त मौजूद रहे।
अम्मा जी मंदिर में स्थापित की गई जगद्गुरु रामानुजाचार्य की प्रतिमा को मंदिर की ओर से मर्यादा की मूर्ति (स्टेच्यू ऑफ डिग्निटी) का नाम दिया गया है। यह प्रतिमा पांच फीट ऊंची और चार फीट चौड़ी है। मकराना के संगमरमर से बनी प्रतिमा भव्य रूप में आकर्षित करती है। इस प्रतिमा का निर्माण जयपुर में कराया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीरामहर्षण मैथिल सख्यपीठ धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट चारुशिला मंदिर में संचालित श्रीराममंत्र महायज्ञ सहित श्री राममंत्रार्थ मंडपम में आयोजित रजत जयंती महोत्सव में भी शिरकत की।
उन्होंने इस अवसर पर कहा कि श्रीरामहर्षण दास महाराज ने मायाग्रस्त असंख्य जीवों को परम दुर्लभ श्रीराम मंत्र प्रदान कर भवसागर से पार किया और भविष्य के लिए एक सुदृढ़ शिष्य परंपरा प्रदान की।
उन्होंने अपने ज्ञान के माध्यम से अयोध्या व श्रीराम मंत्र की महिमा का प्रचार प्रसार किया। जगद्गुरु बल्लभाचार्य ने सीएम योगी का अभिनंदन किया। वहीं रामहर्षण कुंज में महंत अयोध्या दास द्वारा सीएम योगी का आदर सत्कार किया गया।
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दोनों स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में महंत कमलनयन दास, सांसद बृजभूषण शरण सिंह, महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, विधायक रामचंद्र यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह सहित बड़ी संख्या में संत एवं भक्त मौजूद रहे।
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