अयोध्या तट पर रविवार को सरयू नदी के बढे़ जलस्तर से आधा डूबा घाट।
बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पेट पालने की जद्दोजहद कर रहे लोगों पर संक्त्रसमक रोगों का कहर टूटने लगा है। दूषित पानी व मच्छरों के प्रकोप से डायरिया, बुखार समेत मच्छरजनित रोगों से पीड़ित तमाम लोग अस्पताल पहुंच रहे हैं। यही हाल बाढ़ प्रभावित सदर व रुदौली तहसील क्षेत्र के गांवों का है।
सरयू की बाढ़ से अयोध्या के तटीय इलाके में करीब 100 घर प्रभावित हैं। हालांकि अब पानी सूख रहा है। वहीं कुष्ठ आश्रम में अभी भी घुटनों तक पानी भरा हुआ है। रामघाट हाल्ट स्टेशन के पीछे बसे करीब 45 मकान बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं। जैसे-जैसे पानी सूख रहा है संक्रामक रोग भी पांव पसारने लगे हैं।
बाढ़ के बाद की त्रासदी से निपटने के लिए फिलहाल प्रशासन की तरफ से कोई पहल नहीं की गई है और न ही रोगों से बचाव के कोई इंतजाम हैं। बाढ़ प्रभावित लोग अब संक्रमण के चलते बीमार हो रहे हैं। फटिक शिला आश्रम के पास बसे बस्ती में दर्जनों परिवार संक्रामक रोग से पीड़ित हैं।
मुन्नालाल यादव ने बताया कि बच्चों को छोटे-छोटे दाने हो गए हैं। कोई हालचाल पूछने तक नहीं आ रहा। वहीं कैलाशा ने बताया कि उनके शरीर में बरसाती दाने निकल आए हैं, अभी तक कोई सहायता नहीं मिली है।
रामरती बताती हैं वह स्वंय व उनके बच्चे तेज बुखार से पीड़ित हैं, कोई सुध लेने वाला नहीं है। राजकुमार भी तीन दिन से तेज बुखार से पीड़ित हैं। बताते हैं लोग नाव से आते हैं। दूर से देखकर चले जाते हैं। हमारी समस्या कोई सुनना वाला नहीं है। वहीं बबिता यादव के दो बच्चे बीमार हैं।