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Ayodhya News: सेना के लिए सुरक्षित भूमि पर रसूखदारों की भी इमारतें

Wed, 12 Jul 2023 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अयोध्या
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अयोध्या। सेना के लिए सुरक्षित जमीन पर कई रसूखदारों की इमारतें भी खड़ी हो गई हैं। यह बात पड़ताल में सामने आई है। अमर उजाला माईसिटी में 11 जुलाई को प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद खुफिया विभाग ने इसकी पड़ताल शुरू कर दी है। सूत्रों की माने तो यहां पर रसूखदारों की इमारतों की वजह से ही अभी तक शिकायत को लेकर जांच में हीलाहवाली की जा रही थी। सदर और सोहावल तहसील क्षेत्र के 14 गांवों की 13391 एकड़ भूमि को सेना के अधिसूचित क्षेत्र के रूप में नोटिफाइड किया गया है। राज्यपाल की ओर इस क्षेत्र को सेना के युद्धाभ्यास, खुले क्षेत्र में गोला चलाने और तोप दागने के लिए प्राधिकृत किया गया है। इस क्षेत्र को भवन निर्माण, प्लाटिंग से वर्जित क्षेत्र बताया गया है लेकिन भूमाफिया ने यहां के काश्तकारों से मिलकर जमीनों की खरीद-फरोख्त व प्लाटिंग करके भवन और कॉलोनियां विकसित कर दीं। आम लोगों को तो जानकारी तक नहीं हो पाई कि यह जमीन सेना के अधिसूचित क्षेत्र में है।
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प्राधिकृत क्षेत्र के गांव बनबीरपुर के प्रवीण कुमार दुबे ने जिलाधिकारी, अयोध्या विकास प्राधिकरण व सेना से लेकर रक्षा मंत्रालय तक इसकी शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिसूचित क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आवास, व्यावसायिक भवन व आवासीय कॉलोनी बनाने के लिए प्लाटिंग और भवनों का निर्माण हो रहा है। इसे अवैध बताते हुए निर्माण को रोकवाने व अवैध निर्माणों को हटवाए जाने की मांग की थी। 11 जुलाई को अमर उजाला में इस आशय की खबर प्रकाशित होने के बाद सेना से जुड़े इस अहम और संवेदनशील मुद्दे पर मंगलवार को खुफिया विभाग सक्रिय हो गया। विभाग के लोगों ने सेना के अधिसूचित क्षेत्र की पड़ताल शुरू कर दी है।
सूत्रों की माने तो प्रथम दृष्टया पड़ताल में भवन और कॉलोनियों के साथ ही कई रसूखदारों की इमारतें भी इस जमीन पर खड़ी पाई गई हैं। इनमेंं राजनेताओं के साथ ही व्यवसायी और अन्य रसूखदार लोग शामिल बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि शिकायत के बाद कार्रवाई न होने के पीछे ऐसे रसूखदार लोगों का ही दबाव रहा है। अधिसूचित क्षेत्र में नामी-गिरामी स्कूल-कॉलेज से रिहायशी मकान और प्लॉटिंग तक शामिल है। सूत्र बताते हैं कि इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जानी है। दूसरी ओर अधिसूचित क्षेत्र के दायरे में आने वाले क्षेत्र को लेकर इस क्षेत्र के लोगों में भी हलचल है। लोगों को सलाह भी दी जा रही है कि इस क्षेत्र में भवन निर्माण कराना है तो नोटिफिकेशन में शामिल भूमि के गाटों को जरूर देखें।
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इन क्षेत्रों में भवन बनवाने से पहले जरूर देखें नोटिफिकेशन

राज्यपाल की ओर से युद्धाभ्यास और खुले क्षेत्र में गोला चलाने तथा तोप दागने का अभ्यास अधिनियम 1938 (अधिनियम संख्या 5 सन 1938) के तहत 14 गांवों की 13391 एकड़ जमीन को प्राधिकृत किया गया है। इसे 20 जनवरी 2021 को पांच साल के लिए प्राधिकृत किया गया है। इसमें टिप्पणी शामिल है कि इस क्षेत्र का नक्शा अयोध्या कलेक्टर कार्यालय में देखा जा सकता है। डीएम नितीश कुमार का कहना है कि सेना के लिए अधिसूचित जमीन पर यदि डवलपमेंट होगा तो देखा जाएगा, विचार किया जाएगा कि क्या करना है। लोगों को सलाह दी जा रही है कि इन क्षेत्रों में भवन बनवाना है तो पहले इससे जुड़े नोटिफिकेशन को जरूर देखें।
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सुरक्षित क्षेत्र में शामिल गांवों और गाटों पर एक नजर...
ग्राम गाटा संख्या क्षेत्रफल (एकड़ में)
मांझा जमथरा 1 से 398 2211
गौरापट्टी 1से 263 164
मांझा तारापुर रजौली 1से 70 29
छावनी गौराबैरिक 1 से 1498 1921
मांझा कला 1 से 2463 5695
चकगौरा पट्टी 1से 168 57
तोगपुर 1 से 363 115
मुमताजनगर 1 से 307 245
बनवीरपुर 1 से 250 618
हाजीपुर सिंहपुर 1 से 860 445
घाटमपुर 1 से 283 341
कोटसराय 1 से 757 404
फतेहपुर सरैया उपरहार 1 से 390 365
फतेहपुर सरैया 1 से 382 781
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योग- 13391
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