अयोध्या। रामनगरी की पौराणिकता के गवाह सूर्यकुंड की आभा अब देखते ही बन रही है। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर साधु-संतों को सूर्यकुंड की भव्यता से रू-ब-रू कराया गया। संत सुंदरीकरण के बाद अयोध्या की गरिमा बढ़ा रहे सूर्यकुंड की भव्यता देख निहाल हो उठे। लेजर शो के जरिए भगवान सूर्य नारायण की गाथा भी जीवंत प्रतीत होती दिखी।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर साधु-संतों को अयोध्या की विकास गाथा दिखाई जा रही है। विकास प्राधिकरण के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में स्वतंत्रता दिवस की शाम रामनगरी के साधु-संतों ने लेजर शो के जरिए सूर्य देव की गाथा का दर्शन किया। करीब 20 मिनट के लेजर शो ने सूर्यकुंड परिसर की महिमा को जीवंत कर दिया।
जगद्गुरू रामदिनेशाचार्य ने कहा कि रामनगरी की मूल पहचान उसकी पौराणिकता है, सूर्यकुंड की भव्यता देखकर यह विश्वास मजबूत होता है कि अयोध्या की गरिमा सहेजते हुए इसे विश्वस्तरीय नगरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। महंत वैदेही वल्लभ शरण, महंत डॉ़ भरतदास, महंत रामशरण दास भी निहाल थे बोले कि योगी सरकार में अयोध्या का प्राचीन गौरव लौट रहा है। एडीए उपाध्यक्ष विशाल सिंह ने संतों का अभिनंदन किया। इस दौरान महंत रामजी शरण, महंत विवेक आचारी, महंत गिरीश दास सहित बड़ी संख्या में साधु-संत मौजूद रहे।