अयोध्या। बेहिसाब खर्च व निवेश में मानकों को दरकिनार करके विभिन्न प्रकार से गड़बड़ी करने वाले जिले के करीब 350 लोगों की कुंडली आयकर विभाग खंगाल रहा है। इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन विंग से प्राप्त सूचनाओं को संज्ञान में लेकर अलग-अलग टीमें लोगों को ऑनलाइन नोटिस देकर जवाब मांग कर रही हैं। इससे लोगों में हलचल भी देखी जा रही है।
आयकर विभाग की इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इंवेस्टिगेशन विंग को रजिस्ट्री दफ्तर में संपत्तियों की खरीद-बिक्री, बैंकों में होने वाले निवेश, जमा, निकासी में तय सीमाओं को लांघने वालों की सूचनाएं प्राप्त होती हैं। इनमें 30 लाख रुपये से अधिक की संपत्तियों की खरीद, बचत खाते में 10 लाख नकद जमा-निकासी, चालू खाते में 50 लाख या उससे अधिक की जमा-निकासी, शेयरों की खरीद-बिक्री शामिल हैं।
इन सूचनाओं के सत्यापन के बाद आयकर विभाग के अयोध्या रेंज के 14 जिलों से जुड़े करीब 1300 लोगों की सूचनाएं मिली हैं। इनमें से अयोध्या जिले के करीब 350 लोग शामिल हैं। इनके आरोपों की जांच के लिए इनकी संपत्तियों से जुड़ी कुंडली खंगाली जा रही है। इनके आय के स्रोत, बैंक खातों का विवरण समेत समस्त जानकारियां इनसे मांगते हुए नोटिस दिया जा रहा है।
बैंक व रजिस्ट्री दफ्तर से भी होती हैं त्रुटियां
आयकर विभाग से जुड़े अधिकारियों का भी मानना है कि बैंक व रजिस्ट्री दफ्तर से लोगों का डाटा फीड करते समय अक्सर लिपिकीय त्रुटियां हो जाती हैं। अमाउंट दर्ज करते समय दशमलव की गलती से अधिक अमाउंट दिखने लगता है, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। इसलिए लोगों का विवरण दर्ज करते समय इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। इसके लिए पांच दिसंबर को अवध विश्वविद्यालय में हुई कार्यशाला में बैंक व अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों को सूचित भी किया गया है।
आई एंड सीआई विंग से करीब 350 लोगों की सूचनाएं मिली हैं, जिनके विवरण की जांच की जा रही है। उन्हें नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। लोग तय समय पर आयकर भुगतान कर देश की प्रगति में योगदान करें।
-नागेंद्र दीक्षित, संयुक्त आयकर आयुक्त, अयोध्या